जौनपुर। जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पचहटिया में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर खोला जाएगा। यह जिले का पहला ऐसा सेंटर होगा, जो छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित होगा। सेंटर के निर्माण और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए शासन को 2.40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। शहर के पचहटिया क्षेत्र में पुराने पोस्टमार्टम हाउस के पास इस सेंटर की स्थापना की जाएगी। संबंधित विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सीआरओ अजय कुमार अंबष्ट के अनुसार, जिले में एबीसी सेंटर स्थापित करने के लिए शासन से प्रस्ताव मांगा गया था, जिसके जवाब में यह प्रस्ताव भेजा गया है। जिले में, विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन कुत्तों के लोगों को काटने की घटनाएं आम हैं और कई बार कुत्तों के झुंड राहगीरों के लिए भय का कारण बनते हैं। इसी समस्या को देखते हुए शासन ने जिले में एबीसी सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रशासन पुराने पोस्टमार्टम हाउस के पास इसके लिए भूमि चिह्नित कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आसपास की जमीन पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि सेंटर के निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो सके। एबीसी सेंटर का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना है। इन सेंटरों में आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाती है और उन्हें एंटी-रेबीज का टीका लगाया जाता है। उपचार और नसबंदी के बाद, कुत्तों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस उनके क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है। इससे न केवल आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित होगी, बल्कि रेबीज जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलेगी।