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आंबेडकर प्रतिमा रखने पर दो पक्षों के बीच विवाद
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बरसठी क्षेत्र के हरद्वारी गांव में आंबेडकर प्रतिमा रखने को लेकर हुए विवाद के बाद मौके पर जुटे लोग
- फोटो : JAUNPUR
निगोह। बरसठी थाना क्षेत्र के हरद्वारी गांव में शुक्रवार को आंबेडकर प्रतिमा रखने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर तहसील प्रशासन और पुलिस बल पहुंच गया। इसके बाद प्रतिमा को हटवाकर मामला शांत कराया गया।
हरद्वारी गांव में भीटे खाते की जमीन पर आंबेडकर प्रतिमा रखने की गांव वालों में आपसी सहमति बनी थी। उसके लिए चबूतरा भी तैयार हो गया। गांव के एक पक्ष के मनोज कुमार और भुलनराम तथा दूसरे पक्ष से बसंतलाल व जयराम हैं। लेकिन, इन दोनों पक्ष से अलग गांव के दशरथ प्रजापति ने अपने नाम से प्रतिमा निर्माण कराने का शिलापट्ट बनवा दिया। जब यह बात गांव के दूसरे पक्ष के बसंतलाल आदि को लगी तो रात में इन लोगों ने चबूतरे पर आंबेडकर प्रतिमा लगवा दी।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। फिर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद नायब तहसीलदार संतोष सिंह, सीओ संत प्रसाद उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक ओपी चौधरी, लेखपाल सुरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी रामसरीख गौतम पहुंच गए और कागजात देखने के बाद पता चला कि यह जमीन भीटे खाते की है। इस पर नायब तहसीलदार ने आंबेडकर प्रतिमा हटवा दी और चबूतरे को तोड़वा दिया। करीब घंटे भर बाद फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रथम पक्ष से मनोज कुमार आदि ने दूसरी जमीन पर मूर्ति रखवानी चाही लेकिन बसंतलाल पक्ष के लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह घूर गड्ढे की जमीन है। थानाध्यक्ष रामशरीख गौतम ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया गया था, पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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हरद्वारी गांव में भीटे खाते की जमीन पर आंबेडकर प्रतिमा रखने की गांव वालों में आपसी सहमति बनी थी। उसके लिए चबूतरा भी तैयार हो गया। गांव के एक पक्ष के मनोज कुमार और भुलनराम तथा दूसरे पक्ष से बसंतलाल व जयराम हैं। लेकिन, इन दोनों पक्ष से अलग गांव के दशरथ प्रजापति ने अपने नाम से प्रतिमा निर्माण कराने का शिलापट्ट बनवा दिया। जब यह बात गांव के दूसरे पक्ष के बसंतलाल आदि को लगी तो रात में इन लोगों ने चबूतरे पर आंबेडकर प्रतिमा लगवा दी।
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इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। फिर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद नायब तहसीलदार संतोष सिंह, सीओ संत प्रसाद उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक ओपी चौधरी, लेखपाल सुरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी रामसरीख गौतम पहुंच गए और कागजात देखने के बाद पता चला कि यह जमीन भीटे खाते की है। इस पर नायब तहसीलदार ने आंबेडकर प्रतिमा हटवा दी और चबूतरे को तोड़वा दिया। करीब घंटे भर बाद फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रथम पक्ष से मनोज कुमार आदि ने दूसरी जमीन पर मूर्ति रखवानी चाही लेकिन बसंतलाल पक्ष के लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह घूर गड्ढे की जमीन है। थानाध्यक्ष रामशरीख गौतम ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया गया था, पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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