फोन पर आई आवाज 'मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं'... तो चौंक गए दिनेश, जानें-दोनों में क्या हुई बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए अपने विचारों को साझा किया। कोरोना काल में लगातार मेहनत करने वाले कोरोना योद्धाओं के प्रयास को भी सराहा। इनमें से एक उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के ऑक्सीजन टैंकर चलाने वाले दिनेश उपाध्याय से उन्होंने बातचीत की।
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के हसनपुर जमुआ गांव निवासी दिनेश कुमार उपाध्याय (48) को रविवार को मोबाइल पर कॉल आया। हेल्लो बोलने पर उधर से गंभीर आवाज आई... मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं, आप कैसे हो? तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि उनकी बात देश के प्रधानमंत्री से हो रही है।
10-15 सेकेंड तक वे निशब्द हो गए। फिर से उधर से आवाज आई तो उन्हें विश्वास हुआ कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री फोन पर हैं। दिनेश ने अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए बताया कि यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय पल था। जिस सहज व सरल भाषा में मोदी जी उनसे बात किए वह मेरे लिए अविश्वसनीय हो रहा था। मुझे अपने देश के प्रधानमंत्री पर गर्व है।
दिनेश ने बताया कि पीएम मोदी ने सबसे पहले उनके परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बच्चों की पढ़ाई कोविड 19 के चलते ऑनलाइन हो रही है कि नहीं? ऑक्सीजन लेकर चलते हैं डर तो नहीं लगता। अस्पताल में पहुंचने पर कोई समस्या तो नहीं होती। कभी कोई दिक्कत तो नहीं आई। बच्चों को खूब अच्छी शिक्षा दीजिए उन्हें अच्छा नागरिक बनाइए। आप का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप कोविड के संक्रमण काल में बहुत बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
15 साल से चला रहे टैंकर
कमलेश भी खुद ऑक्सीजन टैंकर चलाते हैं। मलगांव स्थित कंपनी का वाहन चलाते हुए उन्हें कभी दिक्कत महसूस नहीं हुई। गांव में उनकी पत्नी निर्मला, बेटा आर्यन (18), दो बेटियां सोनी (16) व प्रीति (10) रहती हैं। चार भाइयों में वे दूसरे स्थान पर हैं।
करीब पांच मिनट की वार्ता में प्रधानमंत्री ने दिनेश के काम को सराहा, हौसला बढ़ाया और इससे दूसरों को प्रेरणा लेने की बात कही। पीएम मोदी से बात कर दिनेश भी गदगद हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने काम का इनाम मिल गया है। दिनेश ने बताया कि वह पिछले 15-17 वर्षों से टैंकर चला रहे हैं।
पहले उनके काम को कोई महत्व नहीं मिलता था। लोग सामान्य रूप से चालकों जैसा व्यवहार करते थे। जाम में घंटों खड़ा रहना होता था। अब लोग उन्हें महत्व देते हैं। जाम में प्रशासन उनके वाहन को विशेष व्यवस्था कर निकलवाता है।
दिनेश ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन लेकर पहुंचते तो काफी सम्मान भी मिलता है और इससे भी ज्यादा खुशी व तसल्ली तब मिलती है, जब हमारे ऑक्सीजन की वजह से किसी की जान बचती है। मरीज के परिवार वाले हाथ उठाकर अभिवादन करते हैं और ताली बजाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपका (दिनेश) काम प्रशंसनीय है। आप परिवार की चिंता छोड़कर देश और समाज के लिए काम कर रहे हैं। लाखों लोगों का जीवन बचा रहे हैं। कोरोना के समय मे आपकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। मुझे आप जैसे लोग पूरे निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की सेवा कर रहे हैं।