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Jaunpur News: पांच साल से हो रहा विकास का काम, लेकिन शहर में सड़कें ही गुम
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जौनपुर। जल निगम शहरी की ओर से पिछले पांच साल से सड़कों के नीचे सीवर पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके चलते जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं हैं। 72 प्रतिशत काम हो गया है लेकिन जिन मार्गों पर काम हो चुका है, जल निगम की ओर से वहां भी सड़कें नहीं बनाई गईं है। इससे पूरा शहर गड्ढों में तबदील है। पांच साल से शहरवासी मुकम्मल सड़क का इंतजार कर रहे हैं। कुछ दिनों में लोकसभा चुनाव है। जौनपुर वासियों को उम्मीद है कि शायद चुनाव के पहले चलने के लिए अच्छी सड़क नसीब हो जाए।
जौनपुर जिले में नवंबर 2019 से सीवर पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। जल निगम शहरी की ओर से टेक्नोक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड को इस काम को करने की जिम्मेदारी दी गई है। काम की लागत 208 करोड़ रुपये है। शहर में कुल 179 किलोमीटर की सीवर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें अभी तक 129 किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछाई जा सकी है। 28 फीसदी काम अभी बाकी है। इस काम को पूरा करने का समय दिसंबर 2023 था। तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम जारी है। कार्यदायी संस्था हो या जल निगम दोनों की लापरवाही इतनी है कि जिस सड़क पर नजर दौड़ाइये सिर्फ गड्ढे ही देखने को मिलेंगे। सड़कों को मिट्टी से पाटने के कारण उड़ रही धूल से स्थानीय निवासियों व दुकानदारों का जीन दूभर हो गया है। शहरवासी निराशाजनक लहजे में यही कह रहे कि किससे फरियाद की जाए जब कोई सुनवाई ही नहीं है।
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20 से अधिक पत्र लिख चुका पीडब्ल्यूडी
शहर की प्रमुख सड़कों को बनाना व उनका रखरखाव करना पीडब्ल्यूडी का काम है। जल निगम की ओर से सड़क खोदने व सीवर पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत कराने को लेकर पीडब्ल्यूडी ने करीब 20 से अधिक पत्र लिखे हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र वर्मा ने बताया कि पत्र लिख कर हार चुके हैं। जल निगम को कोई फर्क नहीं है।
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जनप्रतिनिधि भी नहीं लेते संज्ञान
खराब सड़क को लेकर जौनपुर के निवासी निराश हैं और सुनवाई न होने को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिले में जनप्रतिनिधियों की संख्या अधिक है। सभी इन्हीं खराब रास्ते से होकर अपने गंतव्य को जाते हैं, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लेता।
शहर से रोज गुजरते हैं लाखों वाहन
जौनपुर जिले के इन प्रमुख मार्गों से प्रतिदिन लाखों वाहनों का गुजरना होता है। शहर होकर ही पयागराज, आजमगढ़, वाराणसी , लखनऊ आदि शहरों को लोग जाते हैं। ऐसे में सड़क खराब होने के कारण तो दिक्कत होती ही है, जाम की समस्या भी झेलनी पड़ती है।
ये हैं क्षतिग्रस्त मार्ग
जेसिस चौराहे से ओलंदगंज, पॉलिटेक्निक चौराहे से ओलंदगंज, नईगंज तिराहे से ओलंदगंज, ओलंदगंज से कचहरी रोड, कोतवाली से कुत्तुपुर रोड, रासमंडल चौक से आजमगढ़ रोड, किला से सिपाह रोड, गल्लामंडी से कुत्तुपुर रोड आदि सभी प्रमुख मार्ग खराब हैं।
खराब सड़कों का संज्ञान लिया है। इसके लिए एसई जल निगम को पूरे विवरण के साथ बैठक के लिए बुलाया है। जितना काम हो गया है, जल्द ही उन सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी। - रवींद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी
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जौनपुर जिले में नवंबर 2019 से सीवर पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। जल निगम शहरी की ओर से टेक्नोक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड को इस काम को करने की जिम्मेदारी दी गई है। काम की लागत 208 करोड़ रुपये है। शहर में कुल 179 किलोमीटर की सीवर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें अभी तक 129 किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछाई जा सकी है। 28 फीसदी काम अभी बाकी है। इस काम को पूरा करने का समय दिसंबर 2023 था। तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम जारी है। कार्यदायी संस्था हो या जल निगम दोनों की लापरवाही इतनी है कि जिस सड़क पर नजर दौड़ाइये सिर्फ गड्ढे ही देखने को मिलेंगे। सड़कों को मिट्टी से पाटने के कारण उड़ रही धूल से स्थानीय निवासियों व दुकानदारों का जीन दूभर हो गया है। शहरवासी निराशाजनक लहजे में यही कह रहे कि किससे फरियाद की जाए जब कोई सुनवाई ही नहीं है।
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20 से अधिक पत्र लिख चुका पीडब्ल्यूडी
शहर की प्रमुख सड़कों को बनाना व उनका रखरखाव करना पीडब्ल्यूडी का काम है। जल निगम की ओर से सड़क खोदने व सीवर पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत कराने को लेकर पीडब्ल्यूडी ने करीब 20 से अधिक पत्र लिखे हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र वर्मा ने बताया कि पत्र लिख कर हार चुके हैं। जल निगम को कोई फर्क नहीं है।
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जनप्रतिनिधि भी नहीं लेते संज्ञान
खराब सड़क को लेकर जौनपुर के निवासी निराश हैं और सुनवाई न होने को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिले में जनप्रतिनिधियों की संख्या अधिक है। सभी इन्हीं खराब रास्ते से होकर अपने गंतव्य को जाते हैं, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लेता।
शहर से रोज गुजरते हैं लाखों वाहन
जौनपुर जिले के इन प्रमुख मार्गों से प्रतिदिन लाखों वाहनों का गुजरना होता है। शहर होकर ही पयागराज, आजमगढ़, वाराणसी , लखनऊ आदि शहरों को लोग जाते हैं। ऐसे में सड़क खराब होने के कारण तो दिक्कत होती ही है, जाम की समस्या भी झेलनी पड़ती है।
ये हैं क्षतिग्रस्त मार्ग
जेसिस चौराहे से ओलंदगंज, पॉलिटेक्निक चौराहे से ओलंदगंज, नईगंज तिराहे से ओलंदगंज, ओलंदगंज से कचहरी रोड, कोतवाली से कुत्तुपुर रोड, रासमंडल चौक से आजमगढ़ रोड, किला से सिपाह रोड, गल्लामंडी से कुत्तुपुर रोड आदि सभी प्रमुख मार्ग खराब हैं।
खराब सड़कों का संज्ञान लिया है। इसके लिए एसई जल निगम को पूरे विवरण के साथ बैठक के लिए बुलाया है। जितना काम हो गया है, जल्द ही उन सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी। - रवींद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी