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मौसम ने लोगों को किया मायूस
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 02 Jan 2015 12:07 AM IST
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दो दिन की राहत के बाद बृहस्पतिवार को मौसम ने फिर मिजाज बदला। नए वर्ष के पहले दिन लगातार रिमझिम बरसात ने जहां नए साल के जश्न का उत्साह फीका कर दिया, वहीं नगरीय जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। हालांकि इस बरसात को फसलों के लिहाज से फायदेमंद माना जा रहा है।
बृहस्पतिवार को सुबह हुई तो आसमान में बादल छाए थे। तकरीबन छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ आए बादलों ने जिले के आसमान को पूरी तरह घेर लिया और देखते ही देखते काली घटाएं घिर आईं। फिर शुरू हुई बूंदाबांदी का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
अपने इस मिजाज से नए साल का जश्न मनाने की योजना बना रहे लोगों की मंशा पर मौसम ने पानी फेर दिया। इस दौरान ठंड भी बढ़ गई। इससे लोग ठिठुरने लगे। बाहर जाकर नव वर्ष का जश्न मनाने की सारी तैयारियां मौसम के तेवर के चलते धरी की धरी रह गईं। किसी को पिकनिक मनाना था तो तमाम मित्रों ने समूह बनाकर बाहर जाकर पार्टी करने की योजना बनाई थी।
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नगरवासियों ने परिवार के साथ घूमने-फिरने की तैयारी की थी। लेकिन, दिनभर की रिमझिम के चलते पूरा का पूरा दिन घर में ही गुजर गया। इस दौरान बच्चे भी मायूसी में डूबे रहे। हालांकि इसके बावजूद भी पहले से मन बना चुके कुछ लोग परिवार के साथ नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए किला पर गए।
लेकिन, रिममिझ बरसात ने ज्यादा देर तक नहीं रुकने दिया। लोग परिवार के साथ नए साल के पहले दिन दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में भी गए। लगातार रिमझिम बरसात से शहर की सड़कों की सूरत बिगड़ गई। कच्चे मार्गों पर चलना दूभर हो गया। रिमझिम बरसात का सिलसिला रात आठ बजे तक जारी रहा।
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बृहस्पतिवार को सुबह हुई तो आसमान में बादल छाए थे। तकरीबन छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ आए बादलों ने जिले के आसमान को पूरी तरह घेर लिया और देखते ही देखते काली घटाएं घिर आईं। फिर शुरू हुई बूंदाबांदी का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
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अपने इस मिजाज से नए साल का जश्न मनाने की योजना बना रहे लोगों की मंशा पर मौसम ने पानी फेर दिया। इस दौरान ठंड भी बढ़ गई। इससे लोग ठिठुरने लगे। बाहर जाकर नव वर्ष का जश्न मनाने की सारी तैयारियां मौसम के तेवर के चलते धरी की धरी रह गईं। किसी को पिकनिक मनाना था तो तमाम मित्रों ने समूह बनाकर बाहर जाकर पार्टी करने की योजना बनाई थी।
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नगरवासियों ने परिवार के साथ घूमने-फिरने की तैयारी की थी। लेकिन, दिनभर की रिमझिम के चलते पूरा का पूरा दिन घर में ही गुजर गया। इस दौरान बच्चे भी मायूसी में डूबे रहे। हालांकि इसके बावजूद भी पहले से मन बना चुके कुछ लोग परिवार के साथ नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए किला पर गए।
लेकिन, रिममिझ बरसात ने ज्यादा देर तक नहीं रुकने दिया। लोग परिवार के साथ नए साल के पहले दिन दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में भी गए। लगातार रिमझिम बरसात से शहर की सड़कों की सूरत बिगड़ गई। कच्चे मार्गों पर चलना दूभर हो गया। रिमझिम बरसात का सिलसिला रात आठ बजे तक जारी रहा।