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रिजल्ट की खामियां दूर करने की मांग को लेकर धरना
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करंजाकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों ने यूजी व पीजी परीक्षा परिणाम को लेकर सोमवार को धरना प्रदर्शन और हंगामा किया। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा परिणाम में काफी खामियां हैं। इसमें सुधार कर फिर से रिजल्ट जारी किया जाय। काफी देर तक पुलिस और छात्रों के बीच चले मान मनौव्वल का सिलसिला चलता रहा। खबर लिखे जाने तक धरना जारी रहा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय से जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें तमाम खामियां हैं। छात्रों ने पांच सूत्री ज्ञापन भी परीक्षा नियंत्रण को दिया। जिसमें छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन कराने के साथ ही प्रयोगात्मक अंक में सुधार करने की मांग की। जिन विषयों की परीक्षा नहीं कराई गई उसमें छात्र को जिस विषय में अधिकतम अंक हो, उसके आधार पर अंक देने, बीएससी कृषि तृतीय वर्ष के छात्रों को पुन: रिजल्ट में सुधार कर घोषित किए जाने की मांग भी की। छात्रों का आरोप था कि कि इस बार कोडिंग डिकोडिंग व्यवस्था में खेल हुआ है। छात्र मुख्य गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी करते रहे। सूचना पर पूर्वांचल चौकी प्रभारी बृजेश कुमार गुप्ता फोर्स के साथ पहुंचकर छात्रों को समझाते बुझाते नजर आए। इस दौरान थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह पहुंच गए। प्रदर्शन में प्रदेश कृषि छात्र संघ के जिलाध्यक्ष सचिन शर्मा, सरवन कनौजिया, अमन यादव विकास, अमित यादव , सुप्रिया सिंह, पारूल श्रीवास्तव, नेहा सिंह, खुशबू शुक्ला, रोहित सिंह , दीपक पांडे, प्रेम राज मौर्य आदि शामिल रहे।
धरना पर बैठे छात्र की हालत बिगड़ी
करंजकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र मुख्य गेट पर तालाबंद करके धरने पर बैठे थे। धरने में करीब 3 घंटे बाद जंघई निवासी विशाल सरोज की तबीयत खराब हो गई। उन्हें चौकी प्रभारी बृजेश कुमार गुप्त ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए पीएचसी भेज दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छात्र की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल कर दिया गया।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय से जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें तमाम खामियां हैं। छात्रों ने पांच सूत्री ज्ञापन भी परीक्षा नियंत्रण को दिया। जिसमें छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन कराने के साथ ही प्रयोगात्मक अंक में सुधार करने की मांग की। जिन विषयों की परीक्षा नहीं कराई गई उसमें छात्र को जिस विषय में अधिकतम अंक हो, उसके आधार पर अंक देने, बीएससी कृषि तृतीय वर्ष के छात्रों को पुन: रिजल्ट में सुधार कर घोषित किए जाने की मांग भी की। छात्रों का आरोप था कि कि इस बार कोडिंग डिकोडिंग व्यवस्था में खेल हुआ है। छात्र मुख्य गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी करते रहे। सूचना पर पूर्वांचल चौकी प्रभारी बृजेश कुमार गुप्ता फोर्स के साथ पहुंचकर छात्रों को समझाते बुझाते नजर आए। इस दौरान थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह पहुंच गए। प्रदर्शन में प्रदेश कृषि छात्र संघ के जिलाध्यक्ष सचिन शर्मा, सरवन कनौजिया, अमन यादव विकास, अमित यादव , सुप्रिया सिंह, पारूल श्रीवास्तव, नेहा सिंह, खुशबू शुक्ला, रोहित सिंह , दीपक पांडे, प्रेम राज मौर्य आदि शामिल रहे।
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धरना पर बैठे छात्र की हालत बिगड़ी
करंजकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र मुख्य गेट पर तालाबंद करके धरने पर बैठे थे। धरने में करीब 3 घंटे बाद जंघई निवासी विशाल सरोज की तबीयत खराब हो गई। उन्हें चौकी प्रभारी बृजेश कुमार गुप्त ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए पीएचसी भेज दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छात्र की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल कर दिया गया।
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