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जिले की सड़कों पर हैं मौत के गड्ढे

Sat, 19 Oct 2019 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2019 12:06 AM IST
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Death pits are on the roads of the district
11- केराकत क्षेत्र के नई बाजार से पतौरा मार्ग पर बने गड्ढों में भरे पानी के बीच से जाती छात्राएं। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिले में शहर से लेकर गांव तक की सड़कें दुर्दशा की शिकार हैं। गांव की सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे तक की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। लोग हिचकोले खाने को मजबूर हैं और प्रशासन उदासीन। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने 15 नवंबर तक गड्ढे भरने का निर्देश दिया है लेकिन इस आदेश का पहले दिन जिले में कोई असर नहीं दिखा। तय तिथि तक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना किसी चुनौती से कम नहीं हैं।
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वर्ष 2017 में 22 जून तक ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अल्टीमेटम मुख्यमंत्री ने दिया था लेकिन समय सीमा समाप्त होने के दो साल बाद भी सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पाईं। शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। इसके चलते हादसे हो रहे हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान जरूर चला लेकिन बजट के अभाव में काम पूरा नहीं हो सका। जिले में लोक निर्माण विभाग की 3854 सड़के हैं, जिनकी लंबाई 6245 किलोमीटर है। इसमें 263 किलोमीटर राजमार्ग हैं जबकि 93 किलोमीटर जिला मार्ग हैं। ग्रामीण मार्गों की कुल लंबाई 4800 किलोमीटर है। गड्ढों में तब्दील सड़कों पर चलने वाले दैनिक यात्री सर्वाइकल जैसी बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
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सुजानगंज से मुंगराबादशाहपुर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। मुंगराबादशाहपुर-प्रयागराज मार्ग पर पांडेयपुर तक सड़क की खस्ताहाल है। कुंभ मेले के दौरान ही मुंगराबादशाहपुर से लेकर पांडेयपुर (बुढिया का ईनारा) पांच किलोमीटर तक डबल लेन सड़क बनाई गई थी लेकिन वह भी टूट रही है। प्रयागराज की सीमा से लेकर शाहगंज तक सड़क को दो साल पहले 96 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण किया गया था लेकिन यह बदलापुर में दो किलोमीटर तक गड्ढों में बदल चुकी है। मछलीशहर-जंघई मार्ग की मरम्मत अभी तीन साल पहले कराई गई थी। लेकिन सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। केराकत तहसील क्षेत्र देवकली से बेलांव मार्ग, मुफ्तीगंज से बेलांव मार्ग, बेलांव से कटहरी मार्ग, बेलांव से पठखौली, विजयीपुर मार्ग, मुर्तजाबाद से पेसारा मार्ग तथा केराकत से सूरतपुर पेसारा मार्ग, नयी बाजार से पतौरा मार्ग, अकबरपुर से सेनापुर बजरंग नगर मार्ग, पचवर डगरा से सरौनी मार्ग, केराकत से नरहन हौदवां मार्ग, सर्की से मुर्की मार्ग, नयी बाजार से चौकियां मार्ग एवं केराकत नगर से रेलवे स्टेशन मार्ग पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो चुका है।
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जिले में करीब 500 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य है। इसके लिए 3.50 करोड़ के बजट की आवश्यकता है। बजट के लिए डिमांड की गई है। धन मिलते ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
राधाकृष्ण
अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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