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जौनपुरः 17 साल की गाय की मौत, विधि-विधान से अंतिम संस्कार, अब तेरहवीं का कार्ड बांटकर भोज में बुलाया
Wed, 08 Sep 2021 08:41 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 08 Sep 2021 08:41 PM IST
सार
लक्ष्मी नाम की गाय की मौत के बाद परिवार के लोग आहत हैं। विधि-विधान से अंतिम संस्कार के बाद गाय की तेरहवीं करने का निर्णय लिया गया। परिवार की ओर से त्रयोदशाह का कार्ड बांटा जा रहा है जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में है।
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त्रयोदशाह का कार्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी के जौनपुर जिले में गाय की तेरहवीं संस्कार का कार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। महाराजगंज क्षेत्र के तेजी बाजार में लक्ष्मी नाम की गाय की मौत बाद विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। अब तेरहवीं के भोज के लिए कार्ड बांटा जा रहा है।
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तेजीबाजार निवासी दिनेश जायसवाल के घर में 29 अगस्त को गाय का निधन हो गया था। गाय की उम्र 17 वर्ष थी। परिवार वाले गाय को लक्ष्मी के नाम से बुलाते थे। गाय की मौत के बाद तेरहवीं संस्कार की तैयारी की है। छह सिंतबर को शुद्धक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। तेरहवीं 10 सिंतबर को है। दिनेश जायसवाल (सबमर्सिबल पंप डीलर) ने बताया कि गाय लक्ष्मी उनके यहां 2004 से थी।
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पूरा परिवार उसकी सेवा करता था। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। वह 17 साल तक परिवार के सदस्य के रूप में थीं। बीमारी के चलते लक्ष्मी की मौत हो गई तो पूरे विधि-विधान से कफन के साथ उसे दफन किया गया। अब त्रयोदशाह 10 सितंबर को आयोजित की गई है। इधर, गौमाता के प्रति इस तरह की आस्था पूरे क्षेत्र में चर्चा में है।
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शाही पुल मामलाः रात में चुनवा दी तोड़ी गई दीवार
शाही पुल के दो पिलर के बीच लखौरिया ईंट से बनी दीवार को तोड़कर रातों रात वहां मूर्ति रखने के मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन गंभीर है। मामले की जानकारी होने पर आनन-फानन में मंगलवार की रात तीन बजे तक दीवार चुनवा दी गई। वहीं, घटना की जानकारी होने पर बुधवार की सुबह करीब 400 लोग एकजुट हो गए।
पुलिस भी सुंदरकांड शुरू कराने के मिले इनपुट के बाद हरकत में आ गई। देखते ही देखते हनुमान घाट छावनी में तब्दील हो गया, जिससे एकजुट हुए लोग वापस लौट गए। लेकिन, दूसरे दिन भी वहां फोर्स तैनात कर दी गई। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच पुरातत्व विभाग ने शुरू कर दी है। इसी क्रम में वाराणसी पुरातत्व विभाग से आए लोगों ने फोटोग्राफी की।
पुलिस भी सुंदरकांड शुरू कराने के मिले इनपुट के बाद हरकत में आ गई। देखते ही देखते हनुमान घाट छावनी में तब्दील हो गया, जिससे एकजुट हुए लोग वापस लौट गए। लेकिन, दूसरे दिन भी वहां फोर्स तैनात कर दी गई। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच पुरातत्व विभाग ने शुरू कर दी है। इसी क्रम में वाराणसी पुरातत्व विभाग से आए लोगों ने फोटोग्राफी की।