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हत्या के दो मामलों में तीन को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:11 AM IST
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कोर्ट
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कोर्ट ने गुरुवार को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व भूमि और पुरानी रंजिश में गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो और कोतवाली थाना क्षेत्र में चार साल पूर्व नाबालिग लड़की की हत्या के मामले के एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मामले में स्पेशल जज (ईसी एक्ट) बंशबहादुर यादव ने आरोपियों पर 25-25 हजार और कोतवाली थाना क्षेत्र के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने 20 हजार अर्थदंड भी लगाया गया है।
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मोकलपुर निवासी राजकुमार यादव ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 नवंबर 2001 की शाम साढ़े पांच बजे मै अपने चचेरे भतीजे तेजबहादुर यादव के साथ मोटर साईकिल से रामपुर बाजार से घर वापस आ रहा था।
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अकबालपुर तिराहे के पास पहुंचा था कि तभी पीछे से मेरे गांव के रवींद्र यादव व उनके रिश्तेदार मेढ़ामैर निवासी मनोज ने हम लोगों को घेर लिया। मनोज के ललकारने पर रवींद्र ने पुरानी रंजीश को लेकर जान से मारने की नियत से तेज बहादुर यादव को गोली मार दी।
जिससे हम लोग मोटर साइकल सहित गिर गए। हम लोगों के शोर पर गांव के सूरज कुमार यादव व राजबहादुर यादव आदि लोग आ गए और घटना देखे। दोनों बदमाश जौनपुर की ओर भाग गए। इसके बाद तेज बहादुर को उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया। जहां उसकी मौत हो गई।
इस मामले में अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव व पंकज श्रीवास्तव ने कुल छह गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में चार साल पूर्व नाबालिग लड़की के हत्या के मामले में अभियोजन कथानक के अनुसार- खेतासराय थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने कोतवाली थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बूढ़ी मां बीमार थी। उसकी देखभाल करने के लिए अपनी 13 वर्षीय पुत्री को भेजा था।
घटना नौ अक्टूबर 2012 की दस बजे दिन की है। कस्बा खेतासराय(कोइराना) निवासी आरोपी सुरेंद्र कुमार उर्फ लल्लू मौर्य ने मेरे मकान में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान किया था। वह जौनपुर आया मेरी मां से कहा कि पुत्री को उसकी मां घर बुलाई है। वह उसे लेकर खेतासराय की तरफ चला।
रास्ते में नशीला पदार्थ खिलाकर बलात्कार किया और बेहोशी की हालत में उसे पूविवि के पास छोड़कर चला गया। राहगीरों ने देखा तो उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराए। दौरान उपचार तीसरे दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। अभियोजन सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव व राजनाथ चौहान ने पांच गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई है।
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सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मामले में स्पेशल जज (ईसी एक्ट) बंशबहादुर यादव ने आरोपियों पर 25-25 हजार और कोतवाली थाना क्षेत्र के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने 20 हजार अर्थदंड भी लगाया गया है।
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सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मोकलपुर निवासी राजकुमार यादव ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 नवंबर 2001 की शाम साढ़े पांच बजे मै अपने चचेरे भतीजे तेजबहादुर यादव के साथ मोटर साईकिल से रामपुर बाजार से घर वापस आ रहा था।
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अकबालपुर तिराहे के पास पहुंचा था कि तभी पीछे से मेरे गांव के रवींद्र यादव व उनके रिश्तेदार मेढ़ामैर निवासी मनोज ने हम लोगों को घेर लिया। मनोज के ललकारने पर रवींद्र ने पुरानी रंजीश को लेकर जान से मारने की नियत से तेज बहादुर यादव को गोली मार दी।
जिससे हम लोग मोटर साइकल सहित गिर गए। हम लोगों के शोर पर गांव के सूरज कुमार यादव व राजबहादुर यादव आदि लोग आ गए और घटना देखे। दोनों बदमाश जौनपुर की ओर भाग गए। इसके बाद तेज बहादुर को उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया। जहां उसकी मौत हो गई।
इस मामले में अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव व पंकज श्रीवास्तव ने कुल छह गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में चार साल पूर्व नाबालिग लड़की के हत्या के मामले में अभियोजन कथानक के अनुसार- खेतासराय थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने कोतवाली थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बूढ़ी मां बीमार थी। उसकी देखभाल करने के लिए अपनी 13 वर्षीय पुत्री को भेजा था।
घटना नौ अक्टूबर 2012 की दस बजे दिन की है। कस्बा खेतासराय(कोइराना) निवासी आरोपी सुरेंद्र कुमार उर्फ लल्लू मौर्य ने मेरे मकान में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान किया था। वह जौनपुर आया मेरी मां से कहा कि पुत्री को उसकी मां घर बुलाई है। वह उसे लेकर खेतासराय की तरफ चला।
रास्ते में नशीला पदार्थ खिलाकर बलात्कार किया और बेहोशी की हालत में उसे पूविवि के पास छोड़कर चला गया। राहगीरों ने देखा तो उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराए। दौरान उपचार तीसरे दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। अभियोजन सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव व राजनाथ चौहान ने पांच गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई है।