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राम, लक्ष्मण, सीता की मूर्तियां चोरी
jaunpur
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:30 AM IST
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चोरी की गई मूर्तियां।
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स्थानीय थाना क्षेत्र के चितौड़ी गांव में स्थित रामजानकी मंदिर से बुधवार की रात राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्तियां चोरी हो गईं। तीनों मूर्तियां अष्टधातु की बताई जा रही हैं। अनुमानित कीमत एक करोड़ से अधिक बताई जा रही है। सूचना पर सुबह बक्शा और बदलापुर थाने की फोर्स, डाग स्क्वाड भी पहुंचा लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। सीओ सदर विनय द्विवेदी ने भी घटना स्थल का जायजा लिया।
चितौड़ी गांव में स्थित रामजानकी मंदिर का निर्माण करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले स्थानीय निवासी कृष्णचन्द्र गुप्ता, रमेश गुप्ता एवं राधेश्याम गुप्ता के पुरखों ने कराया था। मंदिर में अष्टधातु की श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीता जी की मूर्ति स्थापित हुई थी। तीनों परिवार एक एक माह की पारी के साथ मंदिर के रखरखाव, साफ सफाई, पूजा पाठ आदि की जिम्मेदारी निभाते हैं। मौजूदा समय में मंदिर के रखरखाव की जिम्मेदारी कृष्णचन्द्र गुप्ता की थी। रात में परिवार की शांति देवी ने मंदिर बंद किया था। सुबह उनकी बेटी साधना चाभी लेकर मंदिर का दरवाजा खोलने पहुंची तो ताला टूटा था। अंदर रखी श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीता जी मूर्ति गायब थी। सूचना पर बक्शा के अलावा बदलापुर थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। डाग स्क्वाड मंदिर से निकला, तो आगे जाकर एक बगीचे में रुक गया। पर कोई सुराग नहीं लग सका। 13 दिसंबर 2016 की रात में भी इसी मंदिर से मूर्ति चोरी की गई थी। हालांकि घटना के छह दिन बाद ही बगीचे से बोरे में मूर्तियां बरामद कर ली गई थीं। ब्यूरो
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चितौड़ी गांव में स्थित रामजानकी मंदिर का निर्माण करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले स्थानीय निवासी कृष्णचन्द्र गुप्ता, रमेश गुप्ता एवं राधेश्याम गुप्ता के पुरखों ने कराया था। मंदिर में अष्टधातु की श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीता जी की मूर्ति स्थापित हुई थी। तीनों परिवार एक एक माह की पारी के साथ मंदिर के रखरखाव, साफ सफाई, पूजा पाठ आदि की जिम्मेदारी निभाते हैं। मौजूदा समय में मंदिर के रखरखाव की जिम्मेदारी कृष्णचन्द्र गुप्ता की थी। रात में परिवार की शांति देवी ने मंदिर बंद किया था। सुबह उनकी बेटी साधना चाभी लेकर मंदिर का दरवाजा खोलने पहुंची तो ताला टूटा था। अंदर रखी श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीता जी मूर्ति गायब थी। सूचना पर बक्शा के अलावा बदलापुर थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। डाग स्क्वाड मंदिर से निकला, तो आगे जाकर एक बगीचे में रुक गया। पर कोई सुराग नहीं लग सका। 13 दिसंबर 2016 की रात में भी इसी मंदिर से मूर्ति चोरी की गई थी। हालांकि घटना के छह दिन बाद ही बगीचे से बोरे में मूर्तियां बरामद कर ली गई थीं। ब्यूरो
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