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कागजों में बना कांप्लेक्स
ब्यूरो,अमर उजाला/जौनपुर
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:35 AM IST
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पहले का बना हुआ शौचालय।
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मछलीशहर विकास खंड के अमारा गांव में महिला कांप्लेक्स का निर्माण किये बिना वर्ष 2008 में ढाई लाख रुपये हड़प लिए गए। धांधली का खुलासा जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। जिस महिला कांप्लेक्स के नाम पर ढाई लाख रुपये खर्च किए गए हैं उसका गांव में वजूद ही नहीं है। आरटीआई के तहत यह सूचना गांव के हरिवंश चौहान ने मांगी थी।
स्थानीय विकास खंड के अमारा गांव का चयन वर्ष 2008 में निर्मल ग्राम योजना में हुआ था। संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत आठ मार्च 2008 को मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गांव में सुलभ कांप्लेक्स के नाम पर ढाई लाख रुपये ग्राम सभा को उपलब्ध कराया गया था। आरोप है कि बिना निर्माण कराये ही धन निकाल लिया गया और कार्यपूर्ति रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से गांव के लोग हैरान हैं। सूचना में बताया गया है कि अमारा गांव में वर्ष 2008 में महिला कांप्लेक्स पर ढाई लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसकी कार्यपूर्ति की रिपोर्ट भी शासन को ग्राम पंचायत की ओर से भेज दी गई है। जिस स्थान पर कांप्लेक्स का निर्माण कागज में दर्शाया गया है वहां मौजूदा समय में एक विद्यालय है। विद्यालय की बाउंड्री के अंदर जो शौचालय है वह विद्यालय द्वारा निर्मित बताया गया है। गाँव के हरिवंश चौहान ने 24 मई 2017 को जिलाधिकारी जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर जनहित में मांग की थी। लेकिन उस शिकायत का भी आजतक पता नहीं चल सका। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मीनाक्षी का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है। जबकि जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय विकास खंड के अमारा गांव का चयन वर्ष 2008 में निर्मल ग्राम योजना में हुआ था। संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत आठ मार्च 2008 को मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गांव में सुलभ कांप्लेक्स के नाम पर ढाई लाख रुपये ग्राम सभा को उपलब्ध कराया गया था। आरोप है कि बिना निर्माण कराये ही धन निकाल लिया गया और कार्यपूर्ति रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से गांव के लोग हैरान हैं। सूचना में बताया गया है कि अमारा गांव में वर्ष 2008 में महिला कांप्लेक्स पर ढाई लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसकी कार्यपूर्ति की रिपोर्ट भी शासन को ग्राम पंचायत की ओर से भेज दी गई है। जिस स्थान पर कांप्लेक्स का निर्माण कागज में दर्शाया गया है वहां मौजूदा समय में एक विद्यालय है। विद्यालय की बाउंड्री के अंदर जो शौचालय है वह विद्यालय द्वारा निर्मित बताया गया है। गाँव के हरिवंश चौहान ने 24 मई 2017 को जिलाधिकारी जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर जनहित में मांग की थी। लेकिन उस शिकायत का भी आजतक पता नहीं चल सका। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मीनाक्षी का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है। जबकि जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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