{"_id":"5cc9e756bdec22075d238888","slug":"51556735830-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में लगी आग, झुलसकर युवती की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में लगी आग, झुलसकर युवती की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के लोहरियांव गांव की दलित बस्ती में बुधवार को सुबह खाना बनाते समय चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से खाना बना रही युवती की झुलसकर मौत हो गई। साथ ही गृहस्थी का सारा सामान जल गया।
लोहरियांव के राजमनी की बेटी नीतू (19) सुबह छप्पर के नीचे चूल्हे पर खाना बना रही थी। उसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश में नीतू आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें देखकर आस पास के लोग भी आ गए। किसी तरह लोगों ने नीतू को बाहर निकाला लेकिन तबतक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। बेटी नीतू को बचाने में राजमनी का भी दोनो हाथ जल गया। जबतक आग पर काबू पाया जाता तबतक छप्पर और उसमें रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। गंभीर रूप से झुलसी नीतू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अस्पताल से ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजमनी मजदूरी कर के परिवार की आजीविका चलाते हैं और रहने के लिए उनके पास छप्पर ही था जो जलकर राख हो गया। उनकी पत्नी हीरावती विकलांग हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दस वर्षीय बेटा सचिन और पुत्री नीतू के अलावा और कोई सदस्य नहीं था। नीतू की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
लोहरियांव के राजमनी की बेटी नीतू (19) सुबह छप्पर के नीचे चूल्हे पर खाना बना रही थी। उसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश में नीतू आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें देखकर आस पास के लोग भी आ गए। किसी तरह लोगों ने नीतू को बाहर निकाला लेकिन तबतक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। बेटी नीतू को बचाने में राजमनी का भी दोनो हाथ जल गया। जबतक आग पर काबू पाया जाता तबतक छप्पर और उसमें रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। गंभीर रूप से झुलसी नीतू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अस्पताल से ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजमनी मजदूरी कर के परिवार की आजीविका चलाते हैं और रहने के लिए उनके पास छप्पर ही था जो जलकर राख हो गया। उनकी पत्नी हीरावती विकलांग हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दस वर्षीय बेटा सचिन और पुत्री नीतू के अलावा और कोई सदस्य नहीं था। नीतू की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
विज्ञापन