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कुल्हाड़ी से गाय का पैर काटकर किया अधमरा, मुकदमा दर्ज
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थानागद्दी। चंदवक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुलरा की ममरखा दलित बस्ती में सोमवार की देर रात धान की नर्सरी चरने से नाराज किसान ने गाय को मारापीटा और कुल्हाड़ी से उसका पांव काट दिया। अपने गाय के साथ हुई क्रूरता से गुस्साया पशुपालक शिकायत करने पहुंचा तो उससे भी विवाद हो गया। गांव के दोनों पक्ष के लोग जुटने लगे। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
गुलरा ममरखा के त्रिभुवन ने अपनी गाय को चरने के लिए लंबी रस्सी से खूंटे में बांध रखा था। रात में वह गाय को घर लाने के बजाय एक निमंत्रण में चला गया। गाय खूंटा उखाड़कर लालजी के धान की नर्सरी में चली गई। इससे नाराज लालजी के परिवार के लोगों ने गाय को बांधकर पहले लाठियों से बुरी तरह मारापीटा और उसके पैर पर कुल्हाड़ी मारकर काट दिया। सुबह पशु मालिक जब गाय को खूंटे पर नहीं देखा तो ढूंढने लगा। थोड़ी दूरी पर त्रिभुवन ने देखा कि गाय अधमरी हालत में तड़प रही है और उसका एक पैर कटा हुआ है। पशु मालिक ने गांव के कुछ लोगों को जुटाया और गाय की हालत देखकर सब आगबबूला हो गए। वे लालजी से इसकी शिकायत करे पहुंचे तो वह उनसे भी उलझ गया। उनसे कहा कि कोई मेरी खेती को नुकसान पहुंचाएगा तो उसके साथ ऐसा ही करूंगा। उसकी बात से दोनों ही पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। पशु पालक ने इसकी सूचना चंदवक पुलिस को दी। पुलिस ने ालजी, लालचंद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पशु पालक ने बताया कि गाय के पेट में पांच माह का बच्चा भी है। उधर, धर्म जागरण प्रमुख नरेंद्र पांडेय ने कहा है कि गाय के प्रति क्रूरता असहनीय है। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों को जेल भेजा जाना चाहिए।
गुलरा ममरखा के त्रिभुवन ने अपनी गाय को चरने के लिए लंबी रस्सी से खूंटे में बांध रखा था। रात में वह गाय को घर लाने के बजाय एक निमंत्रण में चला गया। गाय खूंटा उखाड़कर लालजी के धान की नर्सरी में चली गई। इससे नाराज लालजी के परिवार के लोगों ने गाय को बांधकर पहले लाठियों से बुरी तरह मारापीटा और उसके पैर पर कुल्हाड़ी मारकर काट दिया। सुबह पशु मालिक जब गाय को खूंटे पर नहीं देखा तो ढूंढने लगा। थोड़ी दूरी पर त्रिभुवन ने देखा कि गाय अधमरी हालत में तड़प रही है और उसका एक पैर कटा हुआ है। पशु मालिक ने गांव के कुछ लोगों को जुटाया और गाय की हालत देखकर सब आगबबूला हो गए। वे लालजी से इसकी शिकायत करे पहुंचे तो वह उनसे भी उलझ गया। उनसे कहा कि कोई मेरी खेती को नुकसान पहुंचाएगा तो उसके साथ ऐसा ही करूंगा। उसकी बात से दोनों ही पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। पशु पालक ने इसकी सूचना चंदवक पुलिस को दी। पुलिस ने ालजी, लालचंद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पशु पालक ने बताया कि गाय के पेट में पांच माह का बच्चा भी है। उधर, धर्म जागरण प्रमुख नरेंद्र पांडेय ने कहा है कि गाय के प्रति क्रूरता असहनीय है। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों को जेल भेजा जाना चाहिए।
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