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सास,ननद,जेठानी व देवर को दस वर्ष का सश्रम कारावास
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:16 AM IST
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जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के जैनपुर में बाइक की मांग को लेकर विवाहिता की दहेज हत्या करने की आरोपी सास,ननद,जेठानी व देवर को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह ने गुरुवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए दस वर्ष कारावास व छह हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई।
राजपत यादव निवासी करंजाकला,सरायख्वाजा ने खुटहन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार वादी की पुत्री शशिकला की शादी जैनपुर गांव निवासी राजेश यादव के साथ 29 मई 2010 को हुई थी। विवाह के बाद सास शोभा,ननद सीमा,जेठानी निर्मला व देवर रमेश दहेज में बाइक की मांग को लेकर शशिकला को यातनाएं देते हुए मारते पीटते थे। मांग पूरी न होने पर 16 नवंबर 2012 को सुबह उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया। सदर हॉस्पिटल में शशिकला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया कि ननद,जेठानी,देवर दहेज के लिए उसे मारते पीटते थे। उन्होंने ही उसे जलाया है। सास शोभा भी मारती थी। सारी कहानी सास ने रची। पति व ससुर ने न तो उसे मारा न जलाया। पीड़िता के बयान देते ही चारों आरोपी हॉस्पिटल से फरार हो गए। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
जौनपुर। शाहगंज थाना क्षेत्र के सबरहद निवासी जमीरुद्दीन की ट्रक कोर्ट के आदेश के छह माह बाद भी रिलीज न करने पर कोर्ट ने कोतवाल शाहगंज से जवाब तलब किया है।
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जमीरुद्दीन का आरोप है कि बेचने के उद्देश्य से पेट्रोल पंप पर खड़ी उसकी दो ट्रक का शाहगंज पुलिस ने 25 फरवरी 2018 को गोवध अधिनियम में फर्जी ढंग से चालान कर दिया। ट्रकों को छोड़ने के एवज में रुपए की मांग की। पुलिस की कारस्तानी पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई। कोर्ट के आदेश पर कोतवाल शाहगंज समेत छ: आरोपियों के खिलाफ चोरी, एक्सटॉर्शन आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना में लीपापोती की आशंका पर वादी हाई कोर्ट गया। हाईकोर्ट ने तीन माह में विवेचना कर रिपोर्ट लोअर कोर्ट में सौंपने का आदेश सीबीसीआईडी को दिया। विवेचना सीबीसीआईडी वाराणसी द्वारा की जा रही है। तत्कालीन कोतवाल व अन्य पुलिसकर्मियों को मुल्जिम बनाने की रंजिश वश उसका एक ट्रक वर्तमान कोतवाल शाहगंज द्वारा कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं छोड़ा जा रहा है। कोर्ट ने 17 अप्रैल 2018 को वादी की ट्रक रिलीज करने का कोतवाल को आदेश दिया था।
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राजपत यादव निवासी करंजाकला,सरायख्वाजा ने खुटहन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार वादी की पुत्री शशिकला की शादी जैनपुर गांव निवासी राजेश यादव के साथ 29 मई 2010 को हुई थी। विवाह के बाद सास शोभा,ननद सीमा,जेठानी निर्मला व देवर रमेश दहेज में बाइक की मांग को लेकर शशिकला को यातनाएं देते हुए मारते पीटते थे। मांग पूरी न होने पर 16 नवंबर 2012 को सुबह उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया। सदर हॉस्पिटल में शशिकला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया कि ननद,जेठानी,देवर दहेज के लिए उसे मारते पीटते थे। उन्होंने ही उसे जलाया है। सास शोभा भी मारती थी। सारी कहानी सास ने रची। पति व ससुर ने न तो उसे मारा न जलाया। पीड़िता के बयान देते ही चारों आरोपी हॉस्पिटल से फरार हो गए। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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जौनपुर। शाहगंज थाना क्षेत्र के सबरहद निवासी जमीरुद्दीन की ट्रक कोर्ट के आदेश के छह माह बाद भी रिलीज न करने पर कोर्ट ने कोतवाल शाहगंज से जवाब तलब किया है।
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जमीरुद्दीन का आरोप है कि बेचने के उद्देश्य से पेट्रोल पंप पर खड़ी उसकी दो ट्रक का शाहगंज पुलिस ने 25 फरवरी 2018 को गोवध अधिनियम में फर्जी ढंग से चालान कर दिया। ट्रकों को छोड़ने के एवज में रुपए की मांग की। पुलिस की कारस्तानी पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई। कोर्ट के आदेश पर कोतवाल शाहगंज समेत छ: आरोपियों के खिलाफ चोरी, एक्सटॉर्शन आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना में लीपापोती की आशंका पर वादी हाई कोर्ट गया। हाईकोर्ट ने तीन माह में विवेचना कर रिपोर्ट लोअर कोर्ट में सौंपने का आदेश सीबीसीआईडी को दिया। विवेचना सीबीसीआईडी वाराणसी द्वारा की जा रही है। तत्कालीन कोतवाल व अन्य पुलिसकर्मियों को मुल्जिम बनाने की रंजिश वश उसका एक ट्रक वर्तमान कोतवाल शाहगंज द्वारा कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं छोड़ा जा रहा है। कोर्ट ने 17 अप्रैल 2018 को वादी की ट्रक रिलीज करने का कोतवाल को आदेश दिया था।