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दो दिनों से सड़क पर खड़ी थी सिटी बस
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:12 AM IST
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जलालपुर। एक साल से खोदकर छोड़ी गई सड़क और दो दिनों से सड़क पर खड़ी रोडवेज की सिटी बस हादसे का कारण बनी।
जलालपुर बाजार में हाईवे को चौड़ा करने के लिए एक साल पहले पटरियों की खुदाई कर उसमें गिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है। खुदाई के चलते पटरी सड़क से नीचे हो गई है। जिससे सड़क की दोनों पटरियों पर बारिश का पानी जमा है। उधर रोडवेज की सिटी बस पंचर होने के नाते दो दिनों से यहीं सड़क पर ही खड़ी थी। माना जा रहा है कि या तो सड़क की मरम्मत की गई होती या फिर बची हुई सड़क पर सिटी बस खड़ी न हुई होती तो हादसा नहीं होता।
जलालपुर बाजार में सड़क की दोनों पटरियों पर पानी जमा होने के कारण सड़क की चौड़ाई सिमट गई है। जो सड़क बची हुई है उस पर पहले से ही सिटी बस खड़ी कर दी गई थी। हादसे का शिकार हुए लोग बाइक और साइकिल से पूरब से पश्चिम की दिशा में आ रहे थे। सभी सिटी बस के बगल में पहुंचे थे तभी सामने से तेज रफ्तार में ट्रेलर आ गया और ट्रेलर के सामने वाराणसी की तरफ से रोडवेज आ गई। इससे सिटी बस के बगल से निकल रहे साइकिल और बाइक सवार लोग बस और ट्रेलर के बीच में दब गए। लोगों का कहना है कि अगर सड़क की पटरी ठीक होती और वहां पानी न जमा होता या फिर सड़क पर बस न खड़ी होती तो हादसा टल सकता था।
ट्रेलर की टंकी फटते ही दुकान में लगी आग
जलालपुर। हादसे में छह लोगों की मौत से गुस्साई भीड़ ने ट्रेलर को आग के हवाले कर दिया। थोड़ी देर बाद ट्रेलर की टंकी फट गई और उसमें से निकला डीजल आग के गोले के रूप में बगल में स्थित राजेंद्र की जनरल स्टोर तक पहुंच गया, जिससे दुकान में आग लग गई। जब तक लोग आग पर काबू पाते तब तक दुकान में रखा 50 हजार से अधिक कीमत का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना के सवा घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंचा। जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग बंद होने के चलते फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में देर हुई।
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अपने परिवार के कमासुत सदस्य थे अजय और फूलचंद
जफराबाद। जलालपुर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नेवादा गांव निवासी अजय सिंह और सिरकोनी गांव निवासी फूलचंद्र अपने अपने परिवार के इकलौते कमासुत सदस्य थे। हादसे में मुखिया की जान जाने के बाद इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
45 वर्षीय अजय सिंह ठेकेदारी करते थे और नेवादा गांव में ही अपना निजी विद्यालय संचालित करते थे। वह विद्यालय के प्रबंधक थे। परिवार में पत्नी पूजा सिंह के अलावा दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी सौम्या 6 वर्ष की है। जबकि बेटा अर्पित चार वर्ष और आर्यन पांच माह का है। अजय सिंह के घरपर निर्माण कार्य चल रहा था। मकान बनाने के लिए राजगीर और मजदूर लगे थे। निर्माण के लिए ही वह रविवार को सुबह रस्सी खरीदने के लिए बाइक से बाजार आए थे। यहां से रस्सी लेकर लौट रहे थे कि हादसे का शिकार हो गए।
उधर जलालपुर थाना क्षेत्र के ही सिरकोनी गांव निवासी फूलचंद (50) राजगीर का कार्य कर परिवार का भरण पोषण करते थे। गृहस्थी की सारी जिम्मेदारियां फूलचंद्र पर ही थी। वह तीन बेटियों की शादी कर चुके थे जबकि दो बेटे और एक बेटी की अभी शादी होनी है। प्रतिदिन साइकिल से वह काम पर जाते थे। रविवार को भी घर से टिफिन लेकर साइकिल पर सवार होकर सुबह आठ बजे घर से निकले और जैसे ही जलालपुर चौराहे पर पहुंचे तभी हादसे का शिकार हो गया।
जलालपुर बाजार में हाईवे को चौड़ा करने के लिए एक साल पहले पटरियों की खुदाई कर उसमें गिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है। खुदाई के चलते पटरी सड़क से नीचे हो गई है। जिससे सड़क की दोनों पटरियों पर बारिश का पानी जमा है। उधर रोडवेज की सिटी बस पंचर होने के नाते दो दिनों से यहीं सड़क पर ही खड़ी थी। माना जा रहा है कि या तो सड़क की मरम्मत की गई होती या फिर बची हुई सड़क पर सिटी बस खड़ी न हुई होती तो हादसा नहीं होता।
जलालपुर बाजार में सड़क की दोनों पटरियों पर पानी जमा होने के कारण सड़क की चौड़ाई सिमट गई है। जो सड़क बची हुई है उस पर पहले से ही सिटी बस खड़ी कर दी गई थी। हादसे का शिकार हुए लोग बाइक और साइकिल से पूरब से पश्चिम की दिशा में आ रहे थे। सभी सिटी बस के बगल में पहुंचे थे तभी सामने से तेज रफ्तार में ट्रेलर आ गया और ट्रेलर के सामने वाराणसी की तरफ से रोडवेज आ गई। इससे सिटी बस के बगल से निकल रहे साइकिल और बाइक सवार लोग बस और ट्रेलर के बीच में दब गए। लोगों का कहना है कि अगर सड़क की पटरी ठीक होती और वहां पानी न जमा होता या फिर सड़क पर बस न खड़ी होती तो हादसा टल सकता था।
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ट्रेलर की टंकी फटते ही दुकान में लगी आग
जलालपुर। हादसे में छह लोगों की मौत से गुस्साई भीड़ ने ट्रेलर को आग के हवाले कर दिया। थोड़ी देर बाद ट्रेलर की टंकी फट गई और उसमें से निकला डीजल आग के गोले के रूप में बगल में स्थित राजेंद्र की जनरल स्टोर तक पहुंच गया, जिससे दुकान में आग लग गई। जब तक लोग आग पर काबू पाते तब तक दुकान में रखा 50 हजार से अधिक कीमत का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना के सवा घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंचा। जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग बंद होने के चलते फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में देर हुई।
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अपने परिवार के कमासुत सदस्य थे अजय और फूलचंद
जफराबाद। जलालपुर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नेवादा गांव निवासी अजय सिंह और सिरकोनी गांव निवासी फूलचंद्र अपने अपने परिवार के इकलौते कमासुत सदस्य थे। हादसे में मुखिया की जान जाने के बाद इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
45 वर्षीय अजय सिंह ठेकेदारी करते थे और नेवादा गांव में ही अपना निजी विद्यालय संचालित करते थे। वह विद्यालय के प्रबंधक थे। परिवार में पत्नी पूजा सिंह के अलावा दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी सौम्या 6 वर्ष की है। जबकि बेटा अर्पित चार वर्ष और आर्यन पांच माह का है। अजय सिंह के घरपर निर्माण कार्य चल रहा था। मकान बनाने के लिए राजगीर और मजदूर लगे थे। निर्माण के लिए ही वह रविवार को सुबह रस्सी खरीदने के लिए बाइक से बाजार आए थे। यहां से रस्सी लेकर लौट रहे थे कि हादसे का शिकार हो गए।
उधर जलालपुर थाना क्षेत्र के ही सिरकोनी गांव निवासी फूलचंद (50) राजगीर का कार्य कर परिवार का भरण पोषण करते थे। गृहस्थी की सारी जिम्मेदारियां फूलचंद्र पर ही थी। वह तीन बेटियों की शादी कर चुके थे जबकि दो बेटे और एक बेटी की अभी शादी होनी है। प्रतिदिन साइकिल से वह काम पर जाते थे। रविवार को भी घर से टिफिन लेकर साइकिल पर सवार होकर सुबह आठ बजे घर से निकले और जैसे ही जलालपुर चौराहे पर पहुंचे तभी हादसे का शिकार हो गया।