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अरेस्ट स्टे के बाद भी कर दिया चालान
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:52 PM IST
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शाहगंज। इलाहाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के बाद भी पुलिस ने युवक का चालान भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कोतवाली पुलिस को न्यायालय में पेशी से थोड़े समय पूर्व वापस लाना पड़ा। स्टे के बावजूद चालान के इस मामले को लेकर कोतवाली पुलिस की खासी किरकिरी हुई है।
क्षेत्र अरंद गांव में बीते 16 जून को बाइक से बकरी टकराने के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उक्त मामले में इमरान पुत्र सईद को जानलेवा हमला करने का आरोपी बनाया गया था। उक्त आरोपी ने मुकदमा लिखे जाने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंच कर न्यायालय से अरेस्ट स्टे प्राप्त किया। आरोपी के मुताबिक उसने स्टे के संबंध में पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया था। लेकिन इस बीच गुरुवार की रात कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चिकित्सीय परीक्षण के बाद शुक्रवार को उसका चालान न्यायालय भेजा जाने लगा। अरेस्ट स्टे के बावजूद गिरफ्तारी और चालान के मामले की जानकारी आरोपी के अधिवक्ता ने उच्चाधिकारी को दी। जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जब इस संबंध में जानकारी ली तो आनन फानन में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को न्यायालय पहुंचने से पहले ही एक बार फिर वापस बुला लिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के अधिवक्ता द्वारा अरेस्ट स्टे की कापी दी गई तो उसे आवश्यक लिखा-पढ़ी के बाद छोड़ा दिया गया।
क्षेत्र अरंद गांव में बीते 16 जून को बाइक से बकरी टकराने के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उक्त मामले में इमरान पुत्र सईद को जानलेवा हमला करने का आरोपी बनाया गया था। उक्त आरोपी ने मुकदमा लिखे जाने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंच कर न्यायालय से अरेस्ट स्टे प्राप्त किया। आरोपी के मुताबिक उसने स्टे के संबंध में पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया था। लेकिन इस बीच गुरुवार की रात कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चिकित्सीय परीक्षण के बाद शुक्रवार को उसका चालान न्यायालय भेजा जाने लगा। अरेस्ट स्टे के बावजूद गिरफ्तारी और चालान के मामले की जानकारी आरोपी के अधिवक्ता ने उच्चाधिकारी को दी। जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जब इस संबंध में जानकारी ली तो आनन फानन में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को न्यायालय पहुंचने से पहले ही एक बार फिर वापस बुला लिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के अधिवक्ता द्वारा अरेस्ट स्टे की कापी दी गई तो उसे आवश्यक लिखा-पढ़ी के बाद छोड़ा दिया गया।
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