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जांच में हुआ 13 लाख 35 हजार के गबन का खुलासा
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:16 AM IST
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जौनपुर। रामपुर निस्फी में गांव में 15 लाख 35 हजार रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है। उपायुक्त मनरेगा कमेलेश कुमार सोनी की जांच में यह बात सामने आई है। उन्होंने इसकी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है। गबन की गई धनराशि की रिकवरी करने की संस्तुति की गई है।
रामपुर निस्फी निवासी राजेंद्र कुमार व राज कुमार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में मनरेगा के तहत गांव बकरी शेड, नाद, मार्ग, तालाब खुदाई व मेड़ बंदी आदि कार्यों में ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित धनराशि से अधिक धनराशि खर्च करने की शिकायत की थी। मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह ने इस मामले की जांच कराई। उपायुक्त मनरेगा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उपायुक्त मनरेगा ने चार सदस्यीय तकनीकी टीम की मदद से 13 अप्रैल को मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत तय बजट की तुलना में 15 लाख 35 हजार रुपये अधिक खर्च किया गया। टीम द्वारा इसकी रिपोर्ट उपायुक्त मनरेगा कमलेश कुमार सोनी को सौपी गई। उपायुक्त मनरेगा ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौपते हुए अधिक खर्च किए गए धनराशि की वसूली कराए जाने की संस्तुुति की है।
रामपुर निस्फी निवासी राजेंद्र कुमार व राज कुमार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में मनरेगा के तहत गांव बकरी शेड, नाद, मार्ग, तालाब खुदाई व मेड़ बंदी आदि कार्यों में ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित धनराशि से अधिक धनराशि खर्च करने की शिकायत की थी। मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह ने इस मामले की जांच कराई। उपायुक्त मनरेगा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उपायुक्त मनरेगा ने चार सदस्यीय तकनीकी टीम की मदद से 13 अप्रैल को मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत तय बजट की तुलना में 15 लाख 35 हजार रुपये अधिक खर्च किया गया। टीम द्वारा इसकी रिपोर्ट उपायुक्त मनरेगा कमलेश कुमार सोनी को सौपी गई। उपायुक्त मनरेगा ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौपते हुए अधिक खर्च किए गए धनराशि की वसूली कराए जाने की संस्तुुति की है।
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