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अखिलेश यादव की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:28 AM IST
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बदलापुर/घनश्यामपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के मिरसादपुर गांव के पास चार अप्रैल की रात हाईवे पर हुई अंधाधुंध फायरिंग में अखिलेश यादव की हत्या के दो आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया लेकिन हत्या की असली वजह पुलिस अभी भी नहीं बता पा रही है। कड़ेरेपुर के पास से टाटा सफारी के साथ गिरफ्तार दोनों हत्यारोपियों के पास से पुलिस ने दो तमंचा और इतने ही कारतूस बरामद किए हैं।
प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के बरचौली गांव निवासी अखिलेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपियों की तलाश में लगी पुलिस टीम ने अखिलेश की हत्या और रूपचंद्रपुर निवासी अविनाश सिंह के अपहरण के दो आरोपियों को बदलापुर थाना क्षेत्र के कड़ेपुर के पास से गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया । पकड़े गये हत्यारोपियों में मनीष सिंह निवासी रूपचन्दपुर व विशाल सिंह निवासी मिरशादपुर शामिल हैं। दोनों के कब्जे से पुलिस ने एक एक तमंचा बारह बोर , एक एक कारतूस 315 बोर तथा एक कारतूस बारह बोर बरामद किया है । बदलापुर थाना पुलिस को गुरुवार की रात सूचना मिली थी कि तेजीबाजार से एक सफेद रंग की टाटा सफारी गाड़ी में सवार कुछ बदमाश सरायत्रिलोकी की तरफ जा रहे हैं । सूचना पर उपनिरीक्षक विजय कुमार गुफ्ता थाना महराजगंज तथा थाना मुंगराबादशाहपुर पुलिस को सूचना देते हुए पुलिस बल के साथ सरायत्रिलोकी गांव की ओर चल दिए। इसी बीच महराजगंज थाने के प्रभारीनिरीक्षक भानुप्रताप सिंह तथा कड़ेरेपुर पुलिया के पास पहुंचे तो सफेद रंग की टाटा सफारी कड़ेरेपुर में खड़ी मिली । टाटा सफारी देखते ही पुलिस की टीम ने उसे चारो तरफ से घेर लिया । उस दौरान ड्राइवर की सीट पर विशाल तथा पीछे वाली सीट पर मनीष बैठा मिला । पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में वीरेन्द्र यादव निवासी मोलनापुर ने अखिलेश की हत्या में विशाल सिंह , मनोज सिंह , मनीष सिंह , सनी सिंह तथा भूपेश सिंह सहित पांच अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गिरफ्तार किए गए मनीष और विशाल पर रुपचंद्रपुर निवासी मुकेश सिंह ने अपने भाई अविनाश के अपहरण के आरोप में भी केस दर्ज कराया है। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि हत्या क्यों हुई थी यह तो बदलापुर पुलिस बता सकती है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले उप निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि रंगादारी मांगने को लेकर हत्या हुई है लेकिन रंगजारी कौन और किससे मांग रहा था इसका जवाब उनके पास भी नहीं है।
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प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के बरचौली गांव निवासी अखिलेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपियों की तलाश में लगी पुलिस टीम ने अखिलेश की हत्या और रूपचंद्रपुर निवासी अविनाश सिंह के अपहरण के दो आरोपियों को बदलापुर थाना क्षेत्र के कड़ेपुर के पास से गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया । पकड़े गये हत्यारोपियों में मनीष सिंह निवासी रूपचन्दपुर व विशाल सिंह निवासी मिरशादपुर शामिल हैं। दोनों के कब्जे से पुलिस ने एक एक तमंचा बारह बोर , एक एक कारतूस 315 बोर तथा एक कारतूस बारह बोर बरामद किया है । बदलापुर थाना पुलिस को गुरुवार की रात सूचना मिली थी कि तेजीबाजार से एक सफेद रंग की टाटा सफारी गाड़ी में सवार कुछ बदमाश सरायत्रिलोकी की तरफ जा रहे हैं । सूचना पर उपनिरीक्षक विजय कुमार गुफ्ता थाना महराजगंज तथा थाना मुंगराबादशाहपुर पुलिस को सूचना देते हुए पुलिस बल के साथ सरायत्रिलोकी गांव की ओर चल दिए। इसी बीच महराजगंज थाने के प्रभारीनिरीक्षक भानुप्रताप सिंह तथा कड़ेरेपुर पुलिया के पास पहुंचे तो सफेद रंग की टाटा सफारी कड़ेरेपुर में खड़ी मिली । टाटा सफारी देखते ही पुलिस की टीम ने उसे चारो तरफ से घेर लिया । उस दौरान ड्राइवर की सीट पर विशाल तथा पीछे वाली सीट पर मनीष बैठा मिला । पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में वीरेन्द्र यादव निवासी मोलनापुर ने अखिलेश की हत्या में विशाल सिंह , मनोज सिंह , मनीष सिंह , सनी सिंह तथा भूपेश सिंह सहित पांच अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गिरफ्तार किए गए मनीष और विशाल पर रुपचंद्रपुर निवासी मुकेश सिंह ने अपने भाई अविनाश के अपहरण के आरोप में भी केस दर्ज कराया है। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि हत्या क्यों हुई थी यह तो बदलापुर पुलिस बता सकती है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले उप निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि रंगादारी मांगने को लेकर हत्या हुई है लेकिन रंगजारी कौन और किससे मांग रहा था इसका जवाब उनके पास भी नहीं है।
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