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पुलिस के हस्तक्षेप पर अस्पताल से मुक्त हुआ नवजात शिशु
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:16 AM IST
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मीरगंज। मछलीशहर कस्बे में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती नवजात शिशु के इलाज के एवज में उसके परिजन पैसा अदा नहीं कर सके तो डाक्टर ने बच्चे को ही वापस करने से मना कर दिया। आरोप है कि डाक्टर ने परिजनों से यहां तक कह दिया अगर उनके पास पैसे नहीं है तो 20 हजार रुपये उनसे ले लें और बच्चे को छोड़ दें। इससे हैरान बच्चे के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप के बाद डाक्टर ने बच्चे को परिजनों को वापस कर दिया।
मीरगंज थाना क्षेत्र के मुजहना गांव निवासी अशोक कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी ने मछलीशहर स्थित एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। डाक्टर की सलाह पर शिशु को इलाज के लिए बच्चों के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि वह बार बार डाक्टर से यह कहता रहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इलाज महंगा हो तो बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दें। लेकिन डाक्टर यह कहते रहे कि पैसे अधिक नहीं लगेंगे। परेशान न हों। इस दौरान अलग-अलग किस्तों में अस्पताल ने उनसे 25 हजार रुपये जमा करा लिए। शुक्रवार को उसने बच्चे को छोडने के लिए कहा तो डाक्टर ने 37 हजार रुपये और जमा करने को कह दिया। उसने इतनी रकम चुकाने में असमर्थता जताई तो डाक्टर ने यह पेशकश कर दी कि बीस हजार रुपये उनसे ले लें और बच्चे को छोड़ दें। पीड़ित कोतवाली पहुंच गया और डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस के हस्तक्षेप पर डाक्टर ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर मीरगंज पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़ित को उसका बच्चा दिलवा दिया।
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मीरगंज थाना क्षेत्र के मुजहना गांव निवासी अशोक कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी ने मछलीशहर स्थित एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। डाक्टर की सलाह पर शिशु को इलाज के लिए बच्चों के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि वह बार बार डाक्टर से यह कहता रहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इलाज महंगा हो तो बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दें। लेकिन डाक्टर यह कहते रहे कि पैसे अधिक नहीं लगेंगे। परेशान न हों। इस दौरान अलग-अलग किस्तों में अस्पताल ने उनसे 25 हजार रुपये जमा करा लिए। शुक्रवार को उसने बच्चे को छोडने के लिए कहा तो डाक्टर ने 37 हजार रुपये और जमा करने को कह दिया। उसने इतनी रकम चुकाने में असमर्थता जताई तो डाक्टर ने यह पेशकश कर दी कि बीस हजार रुपये उनसे ले लें और बच्चे को छोड़ दें। पीड़ित कोतवाली पहुंच गया और डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस के हस्तक्षेप पर डाक्टर ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर मीरगंज पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़ित को उसका बच्चा दिलवा दिया।
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