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पहले भी हो चुका है अवैध असलहों का प्रदर्शन
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:56 AM IST
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चंदवक थाना क्षेत्र के बोड़सर गांव में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर पहले भी दोनों गुटों के बीच असलहों का प्रदर्शन हो चुका है। इस गांव में एक साल के भीतर आठ बार दो गुटों में मारपीट हो चुकी है। चार बार पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। बुधवार की रात दोनों गुट एक बार फिर आमने सामने हो गए थे। गनीमत रही कि सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 147, 148, 286 व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अभय सिंह, अमरेश सिंह, दिनेश सिंह, बृजेश सिंह को 315 बोर के तमंचे व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
चंदवक थाना क्षेत्र के बोड़सर में बुधवार की देर शाम दो गुटों में जमकर हुई फायरिंग की घटना कोई पहली घटना नहीं है। बोड़सर गांव में पंचायत चुनाव के बाद से ही दो गुटों में आपसी प्रतिद्वंद्विता को लेकर वर्चस्व स्थापित करने के लिए छोटी-छोटी बातों को पर आठ बार मारपीट हो चुकी है। चार बार प्राथमिकी दर्ज तो हुई लेकिन उसके बाद भी दोनों तरफ से असलहों का प्रदर्शन होता रहा लेकिन पुलिस द्वारा ऐसी कोई प्रभावी करवाई नहीं की गई जिससे घटनाओं पर अंकुश लग सके। पुलिस की निष्क्रियता का ही परिणाम रहा कि बुधवार की रात दोनों गुटों में सामान्य सी बात को लेकर गोलियां तड़तड़ाने लगी थी। संयोग रहा कि किसी को गोली नहीं लगी। दोनों गुटों में सालों से चले आ रहे वर्चस्व की लड़ाई में आए दिन हो रही मारपीट व फायरिंग की घटनाओं में समय रहते पुलिस ने यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो बोड़सर गांव में किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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चंदवक थाना क्षेत्र के बोड़सर में बुधवार की देर शाम दो गुटों में जमकर हुई फायरिंग की घटना कोई पहली घटना नहीं है। बोड़सर गांव में पंचायत चुनाव के बाद से ही दो गुटों में आपसी प्रतिद्वंद्विता को लेकर वर्चस्व स्थापित करने के लिए छोटी-छोटी बातों को पर आठ बार मारपीट हो चुकी है। चार बार प्राथमिकी दर्ज तो हुई लेकिन उसके बाद भी दोनों तरफ से असलहों का प्रदर्शन होता रहा लेकिन पुलिस द्वारा ऐसी कोई प्रभावी करवाई नहीं की गई जिससे घटनाओं पर अंकुश लग सके। पुलिस की निष्क्रियता का ही परिणाम रहा कि बुधवार की रात दोनों गुटों में सामान्य सी बात को लेकर गोलियां तड़तड़ाने लगी थी। संयोग रहा कि किसी को गोली नहीं लगी। दोनों गुटों में सालों से चले आ रहे वर्चस्व की लड़ाई में आए दिन हो रही मारपीट व फायरिंग की घटनाओं में समय रहते पुलिस ने यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो बोड़सर गांव में किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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