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मिरसादपुर और रुपचंद्रपुर गांव में तैनात है फोर्स ...
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:52 AM IST
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बदलापुर थाना क्षेत्र के मिरशादपुर गांव के पास बुद्धवार की रात क्रास फायरिंग के दौरान हुई दो मौत के बाद मिरसादपुर और रुपचंद्रपुर गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई है।
गुरुवार को एसपी केके चौधरी ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बदलापुर की सीओ सौम्या पाण्डेय को हत्या की घटना में संलिप्त हत्यारों की गिरप्तारी के लिए सर्किल के तेज तर्रार प्रभारीनिरीक्षक की अगुवाई में दो टीम गठित कर अविलम्ब उनकी गिरप्तारी करने का निर्देश दिया । घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान एसपी के के चौधरी के साथ एसपी ग्रामीण संजय राय तथा सीओ सौम्या पाण्डेय भी मौजूद थीं ।
गोली लगने के बाद अविनाश को क्यूं ले गए प्रतापगढ़
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के मिर्सादपुर गांव के पास हाईवे पर बुधवार की रात हुए गोली कांड में घायल अविनाश सिंह को अगर जल्दी अस्पताल पहुंचाया गया होता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन न मालूम क्यूं उसेक साथी उसे घायलावस्था में लेकर इलाज के लिए प्रतापगढ़ चलगे गए। जबकि घटना स्थल से महज 25 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल और शहर में कई प्राइवेट बड़े अस्पताल भी हैं।
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अविनाश सिंह को घर से लिवाकर जाने वाले उसके साथी गोली लगने के बाद उसे लेकर यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ गए जहां डाक्टर ने उसे रेफर किया तो अविनाश को इलाहाबाद ले जाया गया। इलाहाबाद के स्वरूपरानी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना की जांच कर रही पुलिस भी इस बात से हैरान है कि अविनाश के साथियों को अगर उसकी जान बचाने की चिंता थी तो सबसे पहले उसे नजदीक के अस्पताल ले जाना चाहिए था। लेकिन 25 किलोमीटर दूरी पर जिला अस्पताल न ले जाकर 70 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ ले जाने के पीछे उनकी क्या मंसा थी यह जांच का विषय है। एसपी केके चौधरी खुद इस बात से हैरान हैं। वह कहते हैं कि इस विषय पर भी पुलिस को बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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गुरुवार को एसपी केके चौधरी ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बदलापुर की सीओ सौम्या पाण्डेय को हत्या की घटना में संलिप्त हत्यारों की गिरप्तारी के लिए सर्किल के तेज तर्रार प्रभारीनिरीक्षक की अगुवाई में दो टीम गठित कर अविलम्ब उनकी गिरप्तारी करने का निर्देश दिया । घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान एसपी के के चौधरी के साथ एसपी ग्रामीण संजय राय तथा सीओ सौम्या पाण्डेय भी मौजूद थीं ।
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गोली लगने के बाद अविनाश को क्यूं ले गए प्रतापगढ़
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के मिर्सादपुर गांव के पास हाईवे पर बुधवार की रात हुए गोली कांड में घायल अविनाश सिंह को अगर जल्दी अस्पताल पहुंचाया गया होता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन न मालूम क्यूं उसेक साथी उसे घायलावस्था में लेकर इलाज के लिए प्रतापगढ़ चलगे गए। जबकि घटना स्थल से महज 25 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल और शहर में कई प्राइवेट बड़े अस्पताल भी हैं।
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अविनाश सिंह को घर से लिवाकर जाने वाले उसके साथी गोली लगने के बाद उसे लेकर यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ गए जहां डाक्टर ने उसे रेफर किया तो अविनाश को इलाहाबाद ले जाया गया। इलाहाबाद के स्वरूपरानी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना की जांच कर रही पुलिस भी इस बात से हैरान है कि अविनाश के साथियों को अगर उसकी जान बचाने की चिंता थी तो सबसे पहले उसे नजदीक के अस्पताल ले जाना चाहिए था। लेकिन 25 किलोमीटर दूरी पर जिला अस्पताल न ले जाकर 70 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ ले जाने के पीछे उनकी क्या मंसा थी यह जांच का विषय है। एसपी केके चौधरी खुद इस बात से हैरान हैं। वह कहते हैं कि इस विषय पर भी पुलिस को बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए हैं।