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11 माह पहले कराया था पंजीकरण
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:56 AM IST
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जौनपुर। शाहगंज के श्रीरामपुर मोहल्ला निवासी विद्यालय प्रबंधक चंचल जायसवाल ने 11 माह पहले फर्जी बोर्ड में अपने विद्यालय का पंजीकरण कराया था। जहां सिर्फ तीन छात्रों ने परीक्षा दी। मार्कशीट फर्जी पांए जाने के बाद चंचल से विवाद बढ़ा तो आरोपी धमकी देने लगा। जिसके खिलाफ चंचल ने शाहगंज थाने में पुलिस को तहरीर दी।
आजमगढ़ जनपद के बरदह निवासी राजमन गौङ ने उत्तर प्रदेश स्टेट ओपन बोर्ड लखनऊ के नाम से फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र के आधार पर लोगों से लंबी धन उगाही करने का काम शुरू किया। इसी कड़ी में उसकी मुलाकात चंचल जायसवाल से हुई। जिसे जालसाज ने फंसाकर 51 हजार रुपये वसूलकर फर्जी मान्यता का प्रमाण पत्र पकङा दिया था। मान्यता के आधार पर चंचल ने पिछले वर्ष कई छात्रों की हाई स्कूल व इण्टरमीडिएट की परीक्षा कराई। जालसाज ने उन छात्रों को मार्कशीट भी मुहैया कराई। उक्त छात्र जब अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अन्य प्रदेशों के विद्यालय गये तो मार्कशीट को फर्जी पाया गया था।
आजमगढ़ जनपद के बरदह निवासी राजमन गौङ ने उत्तर प्रदेश स्टेट ओपन बोर्ड लखनऊ के नाम से फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र के आधार पर लोगों से लंबी धन उगाही करने का काम शुरू किया। इसी कड़ी में उसकी मुलाकात चंचल जायसवाल से हुई। जिसे जालसाज ने फंसाकर 51 हजार रुपये वसूलकर फर्जी मान्यता का प्रमाण पत्र पकङा दिया था। मान्यता के आधार पर चंचल ने पिछले वर्ष कई छात्रों की हाई स्कूल व इण्टरमीडिएट की परीक्षा कराई। जालसाज ने उन छात्रों को मार्कशीट भी मुहैया कराई। उक्त छात्र जब अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अन्य प्रदेशों के विद्यालय गये तो मार्कशीट को फर्जी पाया गया था।
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