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आतंकी ने बोर्ड के फैसले के खिलाफ दाखिल की अपील
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जौनपुर। श्रमजीवी विस्फोट कांड के बांग्लादेशी सजायाफ्ता आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर ने किशोर न्याय बोर्ड के निर्णय के खिलाफ जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में सरकार के खिलाफ अपील दाखिल किया है। बोर्ड के निर्णय को कानून के खिलाफ बताते हुए कोर्ट से मांग की है कि उसकी अपील स्वीकार कर दाखिल दस्तावेजों के आधार पर उसकी उम्र का निर्धारण किया जाए।
बोर्ड ने न तो उसे जेल से तलब किया न उसके शैक्षणिक योग्यता का साक्ष्य लिया, न ही किसी तरह का साक्ष्य देने का अवसर दिया। कोर्ट ने आरोपी की अपील को बतौर वाद दर्ज कर छह जून 2019 की तिथि नियत करते हुए जवाब के लिए उप्र सरकार को जरिए जिला मजिस्ट्रेट नोटिस जारी किया है। सजायाफ्ता आतंकी रोनी ने सजा से बचने के लिए हाईकोर्ट में अपील में स्वयं को घटना के समय अवयस्क होने का आधार दिया।हाईकोर्ट के आदेश पर किशोर न्याय बोर्ड ने प्रयागराज के सीएमओ को आतंकी की मेडिकल जांच का आदेश दिया था।मेडिकल रिपोर्ट व डॉक्टर के बयान के आधार पर बोर्ड ने रोनी को विस्फोट के समय बालिग करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम द्वारा श्रमजीवी विस्फोट कांड में बांग्लादेशी आतंकी रोनी व ओबैदुर्रहमान को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई जिसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है।ट्रेन में बम रखने के आरोपी हिलाल तथा सहयोग के आरोपी नफीकुल की पत्रावली बहस में चल रही है।
बोर्ड ने न तो उसे जेल से तलब किया न उसके शैक्षणिक योग्यता का साक्ष्य लिया, न ही किसी तरह का साक्ष्य देने का अवसर दिया। कोर्ट ने आरोपी की अपील को बतौर वाद दर्ज कर छह जून 2019 की तिथि नियत करते हुए जवाब के लिए उप्र सरकार को जरिए जिला मजिस्ट्रेट नोटिस जारी किया है। सजायाफ्ता आतंकी रोनी ने सजा से बचने के लिए हाईकोर्ट में अपील में स्वयं को घटना के समय अवयस्क होने का आधार दिया।हाईकोर्ट के आदेश पर किशोर न्याय बोर्ड ने प्रयागराज के सीएमओ को आतंकी की मेडिकल जांच का आदेश दिया था।मेडिकल रिपोर्ट व डॉक्टर के बयान के आधार पर बोर्ड ने रोनी को विस्फोट के समय बालिग करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम द्वारा श्रमजीवी विस्फोट कांड में बांग्लादेशी आतंकी रोनी व ओबैदुर्रहमान को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई जिसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है।ट्रेन में बम रखने के आरोपी हिलाल तथा सहयोग के आरोपी नफीकुल की पत्रावली बहस में चल रही है।
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