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रेलवे के ठेकेदार को मिल रही जान से मारने की धमकी
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:22 AM IST
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मीरगंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के अलापुर गांव निवासी रेलवे के ठेकेदार विपुल सिंह को रेलवे का ठेका न छोड़ने पर जान से मारने की धमकी मिली है। पीड़ित ठेकेदार ने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक और रेलवे के उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजकर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। विपुल सिंह का आरोप है कि धमकी देने वाले वाराणसी के माफिया हैं और उनपर रेलवे में मिले 50 लाख के ठेके को वापस करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने फोन पर मिली धमकी का वायस रिकार्ड भी पुलिस अधिकारियों को सौंपा है।
अलापुर गांव निवासी विपुल सिंह रेलवे व पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार हैं। हंडिया से इलाहाबाद सिटी स्टेशन के बीच स्टेशनों व केबिनों पर होने वाले निर्माण कार्य के लिए मंडल रेल प्रबंधक की ओर से निविदा जारी की गई थी। तीन नवंबर 2017 को ई-टेंडर जारी हुआ। इसके लिए कई लोगों ने ऑनलाइन टेंडर डाला था जिसमें विपुल सिंह को टेंडर मिल गया था। रेलवे के 50 लाख के काम का ठेका मिलते ही विपुल सिंह को फोन पर धमकी मिलने लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंडल रेल प्रबंधक, रेल मंत्रालय भारत सरकार, एसपी जौनपुर समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ठेकेदार ने कहा है कि दो दिनों के भीतर उन्हें अलग अलग मोबाइल नंबरों से कई बार फोन आए जिसमें कहा जा रहा कि विभाग को वह यह लिखकर दे कि उनसे यह काम नहीं हो सकेगा। ऐेसा न करने पर उन्हें जान भी गंवानी पड़ सकती है। पहले तो उन्होंने इसे हलके में लिया लेकिन बार बार मिल रही धमकियों से वह और उनके परिवार के लोग सहम गए हैं। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है लेकिन ऐसा है तो मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अलापुर गांव निवासी विपुल सिंह रेलवे व पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार हैं। हंडिया से इलाहाबाद सिटी स्टेशन के बीच स्टेशनों व केबिनों पर होने वाले निर्माण कार्य के लिए मंडल रेल प्रबंधक की ओर से निविदा जारी की गई थी। तीन नवंबर 2017 को ई-टेंडर जारी हुआ। इसके लिए कई लोगों ने ऑनलाइन टेंडर डाला था जिसमें विपुल सिंह को टेंडर मिल गया था। रेलवे के 50 लाख के काम का ठेका मिलते ही विपुल सिंह को फोन पर धमकी मिलने लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंडल रेल प्रबंधक, रेल मंत्रालय भारत सरकार, एसपी जौनपुर समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ठेकेदार ने कहा है कि दो दिनों के भीतर उन्हें अलग अलग मोबाइल नंबरों से कई बार फोन आए जिसमें कहा जा रहा कि विभाग को वह यह लिखकर दे कि उनसे यह काम नहीं हो सकेगा। ऐेसा न करने पर उन्हें जान भी गंवानी पड़ सकती है। पहले तो उन्होंने इसे हलके में लिया लेकिन बार बार मिल रही धमकियों से वह और उनके परिवार के लोग सहम गए हैं। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है लेकिन ऐसा है तो मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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