{"_id":"5c9e6d5abdec221414548aaa","slug":"141553886554-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आक्सीजन सिलेंडर विस्फोट मामले की मजिस्ट्रेट करेंगे जांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आक्सीजन सिलेंडर विस्फोट मामले की मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपट्टी मुहल्ले में गुरुवार को हुए आक्सीजन सिलिंडर विस्फोट की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने इसकी जांच डिप्टी कलेक्टर राकेश कुमार को सौंपी है और सभी उप जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने इलाके में ऐसी व्यवस्था करें कि इस तरह हादसे भविष्य में न हों। मकान मालिका हरिश्चंद्र पटेल के पुत्र वेद प्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी मृतकों का संस्कार रामघाट पर किया गया।
तहरीर में वेद प्रकाश ने कहा है कि उनके मकान में सिंह आक्सीजन गैस एजेंसी थी। एजेंसी संचालक द्वारा आक्सीजन सिलेंडर के रखरखाव में लापरवाही के चलते हादसा हुआ। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि कहीं रिफिलिंग का धंधा तो नहीं हो रहा। जांच में कहीं गैस रिफिलिंग मिलने पर एसडीएम को जिम्मेदार माना जाएगा। जिलापूर्ति अधिकारी को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गैस सिलिंडर मुगलसराय से मंगवाया जाता और उसकी सप्लाई अस्पतालों में की जाती थी।
हादसे में मारे गए जिन दो लोगों के शव की पहचान गुरुवार को नहीं हो सकी थी उनकी भी शिनाख्त कर ली गई है। हादसे में मृत एजेंसी मालिक प्रेम प्रकाश सिंह (35), मडिय़ाहूं के मुकरपुर निवासी अधिवक्ता रामयश यादव (40) और केराकत के खटहरा निवासी आंशू (20) के शव की पहचान गुरुवार को ही कर ली गई थी। दूसरे दिन जिन दो शवों की पहचान की गई उसमें सुरेश यादव (40) निवासी शिवापार थाना लाइनबाजार और मटरू विश्वकर्मा निवासी वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर सभी के शव परिजनों को सौंप दिए। शवों का अंतिम संस्कार गोमती नदी के रामघाट पर कर दिया गया।
तहरीर में वेद प्रकाश ने कहा है कि उनके मकान में सिंह आक्सीजन गैस एजेंसी थी। एजेंसी संचालक द्वारा आक्सीजन सिलेंडर के रखरखाव में लापरवाही के चलते हादसा हुआ। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि कहीं रिफिलिंग का धंधा तो नहीं हो रहा। जांच में कहीं गैस रिफिलिंग मिलने पर एसडीएम को जिम्मेदार माना जाएगा। जिलापूर्ति अधिकारी को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गैस सिलिंडर मुगलसराय से मंगवाया जाता और उसकी सप्लाई अस्पतालों में की जाती थी।
विज्ञापन
हादसे में मारे गए जिन दो लोगों के शव की पहचान गुरुवार को नहीं हो सकी थी उनकी भी शिनाख्त कर ली गई है। हादसे में मृत एजेंसी मालिक प्रेम प्रकाश सिंह (35), मडिय़ाहूं के मुकरपुर निवासी अधिवक्ता रामयश यादव (40) और केराकत के खटहरा निवासी आंशू (20) के शव की पहचान गुरुवार को ही कर ली गई थी। दूसरे दिन जिन दो शवों की पहचान की गई उसमें सुरेश यादव (40) निवासी शिवापार थाना लाइनबाजार और मटरू विश्वकर्मा निवासी वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर सभी के शव परिजनों को सौंप दिए। शवों का अंतिम संस्कार गोमती नदी के रामघाट पर कर दिया गया।
विज्ञापन