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रात में 11 बजे तक घर आने का इंतजार करते रहे सुरेश के परिजन
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के जगदीश पट्टी मोहल्ले में ऑक्सीजन सिलिंडर में विस्फोट की वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है । जांच में ही विस्फोट का कारण पता चल सकेगा। मौके से मलबा तो हटा लिया गया पर खंडहर में तब्दील भवन हादसे की त्रासदी बयां कर रहा है। शुक्रवार को जो भी घटना स्थल के पास से गुजर रहा था वह एक बारगी यहां ठिठक जा रहा था। सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाला जगदीशपट्टी तिराहे पर सन्नाटा पसरा रहा।
घटना को लेकर हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर धमाका कैसे हुआ। पुलिस के अधिकारी भीविस्फोट को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। अफसरों का भी मानना है कि जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर विस्फोट कैसे हुआ। घटना के जो चश्मदीद थे उनकी मलबे में दबकर मौत हो चुकी है। जो लोग घायल हुए हैं वे सड़क पर थे या एजेंसी थोड़ी दूरी पर थे। घायलों से भी यह उम्मीद नहीं की जा सकती की विस्फोट की वजह के बारे में वे कुछ बता सकेंगे। बहरहाल जिलाधिकारी ने विस्फोट की जांच डिप्टी कलेक्टर राकेश कुमार को जांच सौंप दी है। हालांकि जांच अधिकारी दूसरे दिन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। हादसे के बाद मौके पर बिखरा मलबा तो हटा लिया गया लेकिन खंडहर में तब्दील आस भवन पूरे हादसे की कहना बयां कर रहा है। घटना स्थल के आस पास से लेकर पूरे शहर में लोग इस हादसे की ही चर्चा में पूरे दिन डूबे रहे।
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घटना को लेकर हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर धमाका कैसे हुआ। पुलिस के अधिकारी भीविस्फोट को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। अफसरों का भी मानना है कि जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर विस्फोट कैसे हुआ। घटना के जो चश्मदीद थे उनकी मलबे में दबकर मौत हो चुकी है। जो लोग घायल हुए हैं वे सड़क पर थे या एजेंसी थोड़ी दूरी पर थे। घायलों से भी यह उम्मीद नहीं की जा सकती की विस्फोट की वजह के बारे में वे कुछ बता सकेंगे। बहरहाल जिलाधिकारी ने विस्फोट की जांच डिप्टी कलेक्टर राकेश कुमार को जांच सौंप दी है। हालांकि जांच अधिकारी दूसरे दिन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। हादसे के बाद मौके पर बिखरा मलबा तो हटा लिया गया लेकिन खंडहर में तब्दील आस भवन पूरे हादसे की कहना बयां कर रहा है। घटना स्थल के आस पास से लेकर पूरे शहर में लोग इस हादसे की ही चर्चा में पूरे दिन डूबे रहे।
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