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पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समान पोषण की मांग पर कोर्ट के फैसले से शिक्षकों में खुशी
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जौनपुर। अनुदानित महाविद्यालय विवि अनुमोदित शिक्षक संघ ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बंटवारे से जुड़े कोर्ट के नए निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समान पोषण संबंधित मांग पर आदेश से पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
प्रदेश सरकार पूविवि का विभाजन कर आजमगढ़ और मऊ जिले को आजमगढ़ में बनने वाले नए राज्य विवि से जोड़ने की तैयारी में है। नए विवि की स्थापना में सहयोग के लिए पूविवि से धनराशि ली जा रही है। क्षेत्र में कटौती से पूविवि की आय घटेगी, जिससे शिक्षक-कर्मचारियों के सामने वेतन का संकट होगा। लिहाजा अनुदानित महाविद्यालय विवि अनुमोदित शिक्षक संघ ने नए विवि की स्थापना के बाद महाविद्यालयों का समान रूप से वितरण करने की मांग करते हुए कोर्ट में अपील की थी।
जनहित याचिका दायर कर्ता शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप तिवारी ने कहा कि न्यायालय ने राज्य विवि की स्थापना व बंटवारे पर शिक्षक संगठनों की आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए यह निर्देश दिया है। पूविवि में अपने स्थापना काल से लेकर अब तक तीसरी बार बंटवारा हो रहा है। दो जिले कटने से पूर्वांचल विवि आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा। पूविवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार को नए राज्य विवि की स्थापना व पूर्व से स्थापित राज्य विवि के बंटवारे व समान वित्तपोषण को लेकर ठोस नीति बनानी होगी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मिश्र ने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय से विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
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प्रदेश सरकार पूविवि का विभाजन कर आजमगढ़ और मऊ जिले को आजमगढ़ में बनने वाले नए राज्य विवि से जोड़ने की तैयारी में है। नए विवि की स्थापना में सहयोग के लिए पूविवि से धनराशि ली जा रही है। क्षेत्र में कटौती से पूविवि की आय घटेगी, जिससे शिक्षक-कर्मचारियों के सामने वेतन का संकट होगा। लिहाजा अनुदानित महाविद्यालय विवि अनुमोदित शिक्षक संघ ने नए विवि की स्थापना के बाद महाविद्यालयों का समान रूप से वितरण करने की मांग करते हुए कोर्ट में अपील की थी।
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जनहित याचिका दायर कर्ता शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप तिवारी ने कहा कि न्यायालय ने राज्य विवि की स्थापना व बंटवारे पर शिक्षक संगठनों की आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए यह निर्देश दिया है। पूविवि में अपने स्थापना काल से लेकर अब तक तीसरी बार बंटवारा हो रहा है। दो जिले कटने से पूर्वांचल विवि आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा। पूविवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार को नए राज्य विवि की स्थापना व पूर्व से स्थापित राज्य विवि के बंटवारे व समान वित्तपोषण को लेकर ठोस नीति बनानी होगी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मिश्र ने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय से विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
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