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तत्कालीन डीआईओएस, प्रबंधक समेत 10 पर वाद दर्ज

Thu, 10 Oct 2019 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 11:47 PM IST
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जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र के जनता जनार्दन इंटर कॉलेज में नियुक्तियों को लेकर गलत सूचना देने एवं फर्जीवाड़े के आरोप में अधिवक्ता अजीत यादव की दरखास्त पर तत्कालीन डीआईओएस, कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य समेत दस आरोपितों पर सीजेएम ने वाद दर्ज कर रिपोर्ट तलब किया। अधिवक्ता अजीत कुमार यादव ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत जेजे इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक, अध्यक्ष, लिपिक, प्रबंधक, प्रधानाचार्य, अध्यापक,परिचारक एवं तत्कालीन डीआईओएस समेत दस के खिलाफ दरखास्त दिया कि उन्होंने डीआईओएस से 25 जून 2014 को जेजे इंटर कॉलेज स्थापना दिवस, प्रबंधक ,प्रधानाचार्य क्लर्क व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का पता, नियुक्तियां सहित यह सूचना मांगी कि उपरोक्त लोगों के परिवार के सदस्य की नियुक्ति उसी विद्यालय में की जा सकती है या नहीं। सूचना न देने पर डीएम को प्रथम अपील किया। द्वितीय अपील सूचना आयोग लखनऊ को किया। एडीएम, संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी और राज्यपाल को मामला प्रेषित किया। जांच न होने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को प्रत्यावेदन भेजा गया। पीएमओ , मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को जांच कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया। आयुक्त वाराणसी मंडल जांच अधिकारी नामित किए गए तब डीआईओएस का पत्र प्राप्त हुआ कि इंटर कॉलेज में इस कार्यालय से अनुमोदन प्रदान नहीं किया गया है। आरोपितों की साजिश में डीआईओएस ने सूचना के अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन करते हुए आवेदक को फर्जी सूचना भेजा और आरोपितों को बचाने का प्रयास किया। प्रधानाचार्य द्वारा भी आवेदक से छल कपट किया गया और लिफाफे पर लिखा गया कि प्राप्तकर्ता ने लेने से इंकार किया। रजिस्टर्ड पत्र में लिफाफे के साथ छेड़छाड़ की गई। जो अभिलेख प्राप्त कराया गया उसमें नियुक्ति पत्रों में प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर भिन्न है। शिक्षा अधिनियम 1921 के विरुद्ध कॉलेज में नियुक्ति की गई है। प्रबंधक, अध्यक्ष, सेवानिवृत्त लिपिक, अध्यापक, परिचारक, लिपिक सब एक ही परिवार के हैं। कथन के समर्थन में निर्वाचक नामावली व मतदाता सूची दाखिल की गई। रामआसरे, तेज बहादुर आरोपितों के रिश्तेदार हैं। वादी ने फर्जीवाड़े की सूचना थाना सिकरारा व एसपी को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में आरोपितों के खिलाफ कार्यवाही की मांग किया।
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