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बाल विवाह सामाजिक कुप्रथा
jaunpur
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:02 AM IST
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कार्यशाला को संबोधित करते एसपी शैलेश पांडेय।
- फोटो : jaunpur
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बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है। जिसका निवारण अकेले पुलिस द्वारा सम्भव नहीं है। इसके लिए अन्य विभागों, पंचायतों, संगठनों एवं मीडिया को मिलकर काम करने की जरूरत है। उक्त बातें मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने शुक्रवार को डा. शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस महिला सम्मान प्रकोष्ठ एवं क्राई के सहयोग से पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यशाला में कही।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह के साथ कुछ लोगों की संवेदनाए व भावनाएं जु़ड़ी रहती है। अत: इसके निवारण हेतु सिर्फ बल प्रयोग ही नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाने की आवश्यकता है ।
फाउंडेशन की कार्यक्रम निदेशिका डा. रोली सिंह ने कहा कि एक बाल विवाह सिर्फ एक बच्चा, एक परिवार व एक समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे समाज पर अपना कुप्रभाव छोड़ता है। बाल विवाह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हस्तक्षेप कठिन तो है किन्तु असम्भव नहीं। समाज में बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक विघटन से बचाने के लिए इस पर संवेदनशीलता से कार्य करने की जरूरत है।
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अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय ने कहा कि सामाजिक समस्याओं का निदान सिर्फ कानून से नहीं हो सकता है। इसके लिए समाज के सभी वर्गो को समवेत प्रयास करने की आवश्यकता है।
बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने कहा कि लगन में हर दिन अनगिनत बाल विवाह होते दिखते है। लोग मौन रहते है जिसकी वजह से हर थाने पर बाल विवाह रिपोर्टिंग शून्य है।इस अवसर पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनील कुमार यादव,किशोर न्याय बोर्ड, डीसीपीयू के संरक्षण अधिकारी चन्दन राय, चाइल्ड लाइन के सदस्य के साथ काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि बाल विवाह के साथ कुछ लोगों की संवेदनाए व भावनाएं जु़ड़ी रहती है। अत: इसके निवारण हेतु सिर्फ बल प्रयोग ही नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाने की आवश्यकता है ।
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फाउंडेशन की कार्यक्रम निदेशिका डा. रोली सिंह ने कहा कि एक बाल विवाह सिर्फ एक बच्चा, एक परिवार व एक समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे समाज पर अपना कुप्रभाव छोड़ता है। बाल विवाह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हस्तक्षेप कठिन तो है किन्तु असम्भव नहीं। समाज में बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक विघटन से बचाने के लिए इस पर संवेदनशीलता से कार्य करने की जरूरत है।
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अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय ने कहा कि सामाजिक समस्याओं का निदान सिर्फ कानून से नहीं हो सकता है। इसके लिए समाज के सभी वर्गो को समवेत प्रयास करने की आवश्यकता है।
बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने कहा कि लगन में हर दिन अनगिनत बाल विवाह होते दिखते है। लोग मौन रहते है जिसकी वजह से हर थाने पर बाल विवाह रिपोर्टिंग शून्य है।इस अवसर पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनील कुमार यादव,किशोर न्याय बोर्ड, डीसीपीयू के संरक्षण अधिकारी चन्दन राय, चाइल्ड लाइन के सदस्य के साथ काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।