फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Case registered against one hundred and fifty unknown prisoners in serious sections, identification is being done from CC TV footage

डेढ़ सौ अज्ञात बंदियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज, सीसी टीवी फुटेज से हो रही पहचान

Sat, 05 Jun 2021 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
Case registered against one hundred and fifty unknown prisoners in serious sections, identification is being done from CC TV footage
कैदी की मौत के बाद जिला जेल में हुए उपद्रव के मामले में डेढ़ सौ अज्ञात बंदियों-कैदियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। जेल अधीक्षक एसके पांडेय की तहरीर पर लाइन बाजार थाने में पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बलवा, लोकसेवक पर जानलेवा हमला करने, अपराध के लिए प्रेरित करने सहित अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान के लिए जेल में लगे सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे के फुटेज की मदद ली जा रही है। उधर, पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। शनिवार को खुद डीएम-एसपी ने भी जेल में जाकर घंटों बंदियों से पूछताछ की।
विज्ञापन

हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे रामपुर थाना क्षेत्र के बनीडीह गांव निवासी बागेश मिश्र (41) की बृहस्पतिवार को जिला जेल में तबीयत खराब हुई थी। शुक्रवार को उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जेल के अंदर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बंदियों-कैदियों ने जमकर उपद्रव मचाया था। बैरकों से बाहर निकलकर तोड़फोड़ की। जेल के अस्पताल के फर्नीचर तोड़ दिए गए। आगजनी भी हुई। रसोई से छह सिलिंडर को कब्जे में ले लिया था और उसमें भी आग लगाने की धमकी दी थी। करीब सात घंटे तक जेल पर बंदियों का कब्जा रहा। रात साढ़े नौ बजे कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी एसके भगत और जेल डीआईजी एके सिंह की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद बवाल शांत हुआ था। बंदी बैरकों में वापस लौटे थे। बवाल शांत होने के बाद जेल अधीक्षक एसके पांडेय ने लाइन बाजार थाने में तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया है कि कैदी बागेश मिश्र की मौत के बाद 100-150 की संख्या में बंदी-कैदी एकत्रित होकर तोड़-फोड़ करने लगे। जान से मारने की नीयत से ईंट-पत्थर चलाने लगे। जेल की बैरकों में आग लगा दी। काफी समझाया गया, लेकिन वह नहीं माने। पथराव में जेल वार्डेन प्रदीप सिंह और सजायाफ्ता कैदी आनंद दूबे को चोटें आईं। पुलिस-प्रशासन की मदद से स्थिति को काबू में किया गया। जेल अधीक्षक की इस तहरीर पर लाइन बाजार थाने में अज्ञात बंदियों-कैदियों के खिलाफ 11 गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
विज्ञापन

डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि जेल में हुए उपद्रव के मामले में विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। उपद्रव क्यों हुआ, दोषी कौन है, कितनी क्षति हुई, सब कुछ जांच से स्पष्ट होगा। खुद इसकी मॉनिटरिंग भी कर रहा हूं। पहले दिन की पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। पूरे घटनाक्रम में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला जेल में हुए उपद्रव के मामले की जांच के लिए डीएम ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में एडीएम वित्त रामप्रकाश, एडीएम भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी, सीएमओ डॉ. राकेश कुमार, एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार और एक एसडीएम शामिल हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसपी राजकरन नय्यर खुद जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शनिवार को जांच समिति ने सुबह ही जेल में पहुंचकर पूरे मामले की विस्तृत छानबीन की। उपद्रव के दौरान हुए नुकसान का जायजा लिया। एक-एक बैरकों में पहुंचकर बंदियों से पूछताछ की। उन्हें भरोसा भी दिलाया कि जो लोग दोषी हैं, उन पर ही कार्रवाई होगी, किसी निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होगा। जांच के दौरान बंदियों ने जेल प्रशासन, बंदी रक्षकों के रवैए, जेल अस्पताल की खामियों सहित अन्य बिंदुओं पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। अफसरों का कहना है कि बहुत सारे तथ्य सामने आए हैं। दो-तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद जेल के जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

हत्या के जिस मामले में बागेश मिश्र को सजा हुई थी, उसी में उसका बड़ा भाई पप्पू मिश्र और भतीजा अमित के भी जेल में होने की चर्चा है। आशंका जताई जा रही है कि बवाल को भड़काने में उनकी भी अहम भूमिका हो सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य बंदी-कैदी भी रहे। जिन्होंने मौके का लाभ उठाया। विभिन्न कारणों से जेल प्रशासन से अपनी नाराजगी को भुनाने के लिए बंदियों-कैदियों को भड़काकर उपद्रव को बढ़ाया है। जांच टीम ऐसे चेहरों की तलाश कर रही है। पहले दिन की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed