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तोप, त्रिशुल, बंदूक लेकर चुनावी रण में कूदे प्रत्याशी
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कलेक्ट्रेट में सिम्बल लेने के लिए उमड़ी प्रत्याशियों की भीड़। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पंचायत चुनाव में सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने भले ही अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर रोक लगा रही हो, लेकिन प्रत्याशी इन्हीं चुनाव निशानों पर वोट मांगेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी समर में शेष बचे उम्मीदवारों को बुधवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। किसी को तोप, त्रिशुल, बंदूक मिला है तो किसी रिक्शा, कार और गले का हार दिया गया है। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी जोर-शोर से प्रचार में जुट गए हैं। पहले चरण में 15 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 3-4 अप्रैल को नामांकन हुआ था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद बुधवार को नाम वापसी हुई। चुनाव मैदान में शेष बचे प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न का आवंटन किया गया है। आयोग ने इस बार प्रधान पद के लिए 75, बीडीसी सदस्य पद के लिए 36 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 53 चुनाव चिह्नों का विकल्प दिया था। प्रत्याशियों को नामांकन पत्र भरने के दौरान भी अपने पसंद के चुनाव चिह्न दर्शाने का विकल्प था। नाम वापसी के बाद अवशेष प्रत्याशियों की सूची प्रपत्र 13 में हिंदी वर्णमाला के अक्षरों के क्रम में तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। आवंटित चुनाव चिह्न का प्रतीक भी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराया गया। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी सीधे प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के पास पहुंचे। पहले से तैयार प्रारुप पर नाम मुद्रित कराते हुए पोस्टर, हैंडबिल का आर्डर दिया और सीधे गांवों की ओर कूच कर गए। कई दुकानदारों ने तो ब्लाक और कलेक्ट्रेट के बाहर पहले से ही दुकान सजा रखी थी, ताकि प्रत्याशियों को कहीं भटकना न पड़े।
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इन पदों पर आवंटित हुए यह निशान
प्रधान पद के उम्मीदवारों को आम, ओखली, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, घड़ा, डमरु, नल, तंबू, बंदूक, पेंसिल, फरसा, ब्रश, ब्लैक बोर्ड, तोप, त्रिशुल, अनाज ओसाता किसान, टोकरी, ड्रम, इमली, कैमरा, कार, कोट आदि चुनाव निशान दिए गए। बीडीसी सदस्य पद के लिए नारियल, पानी का जहाज, फ्रॉक, शहनाई, सरौता, आटा चक्की, तलवार, अंगूठी, अग्निशमन वाहन आदि और जिला पंचायत के लिए आरी, उगता सूरज, कप प्लेट, कमल दवात, केतली, कैंची, गमला, चश्मा, छड़ी, गिटार, छाता, ट्रैक्टर, झोपड़ी आदि चुनाव निशान आवंटित किए गए हैं।
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मतपत्र पर नहीं होगा नाम
पंचायत चुनाव में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह मतपत्रों पर प्रत्याशियों का नाम नहीं होता। उनकी पहचान सिर्फ चुनाव निशान से ही होगी। लिहाजा प्रत्याशियों को अगले सात दिनों के अंदर हर मतदाता तक पहुंचकर अपना चुनाव निशान बताने की चुनौती है। युद्धस्तर पर वह इस कार्य में लग गए हैं।
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इन पदों पर आवंटित हुए यह निशान
प्रधान पद के उम्मीदवारों को आम, ओखली, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, घड़ा, डमरु, नल, तंबू, बंदूक, पेंसिल, फरसा, ब्रश, ब्लैक बोर्ड, तोप, त्रिशुल, अनाज ओसाता किसान, टोकरी, ड्रम, इमली, कैमरा, कार, कोट आदि चुनाव निशान दिए गए। बीडीसी सदस्य पद के लिए नारियल, पानी का जहाज, फ्रॉक, शहनाई, सरौता, आटा चक्की, तलवार, अंगूठी, अग्निशमन वाहन आदि और जिला पंचायत के लिए आरी, उगता सूरज, कप प्लेट, कमल दवात, केतली, कैंची, गमला, चश्मा, छड़ी, गिटार, छाता, ट्रैक्टर, झोपड़ी आदि चुनाव निशान आवंटित किए गए हैं।
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मतपत्र पर नहीं होगा नाम
पंचायत चुनाव में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह मतपत्रों पर प्रत्याशियों का नाम नहीं होता। उनकी पहचान सिर्फ चुनाव निशान से ही होगी। लिहाजा प्रत्याशियों को अगले सात दिनों के अंदर हर मतदाता तक पहुंचकर अपना चुनाव निशान बताने की चुनौती है। युद्धस्तर पर वह इस कार्य में लग गए हैं।
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