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बदलापुर विधायक पर दर्ज हो शहीदों के अपमान का केस, कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

Mon, 28 Dec 2020 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 12:14 AM IST
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Badlapur MLA to file case of insult to martyrs, Congress submitted memorandum
धनियामऊ स्थित शहीद स्मारक पर बदलापुर विधायक रमेश मिश्रा के खिलाफ धरने पर बैठे कांग्रेस नेता। - फोटो : JAUNPUR
बदलापुर। बलुआ गांव स्थित शहीद स्मारक के द्वार के शिलान्यास के दौरान बदलापुर विधायक के रवैए को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के समक्ष धरना दिया और सपा नेताओं विधायक का पुतला फूंकने की कोशिश की। इस
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शहीद स्मारक स्थल पर धरने सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिन सपूतों ने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई, उनका भी सम्मान सत्ताधारी दल के लोग नहीं कर पा रहे हैं। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पूजन के लिए बिछे गद्दों को पैरों से हटाना, अफसरों से अपमानजनक व्यवहार करना दुखद है। यह शहीदों का भी अपमान है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित पत्र बदलापुर एसडीएम को सौंपते हुए विधायक पर केस दर्ज कराने की मांग की। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, अतुल कुमार सिंह, डॉ. प्रभात विक्रम सिंह, सूरज सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, सत्यवीर सिंह, शिखर द्विवेदी,धर्मेंद्र निषाद, सत्यम मिश्रा, सूरज सिंह, सुभान जयसिंह, बबलू गुप्ता, राजेंद्र यादव, सत्यव्रत उपाध्याय, दीपक भट्ट आदि शामिल रहे।
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विधायक का पुतला फूंकने की कोशिश, युवा नेता गिरफ्तार
जौनपुर। शहीद स्मारक की घटना के विरोध में सपा के युवा नेता रजनीश मिश्र ने बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टीडी कॉलेज गेट के सामने पुतला फूंकने की कोशिश की। सूचना मिलते ही लाइन बाजार पुलिस मौके पर पहुंच गई। तीखी नोक-झोंक के बाद पुलिस ने युवा नेता को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी सपा नेता का कहना था कि शहीद स्मारक पर विधायक का कृत्य आपत्तिजनक है। अगर उन्हें अपने न बुलाने जाने या नाम का शिलापट्ट न लगाने से आपत्ति थी तो वह व्यक्तिगत रुप से डीएम से शिकायत कर सकते थे। सार्वजनिक तौर पर हंगामा उचित नहीं है। यह शहीदों का अपमान है। पुजारी के सामने जूता चलाकर उन्होंने ब्राह्मण का भी अपमान किया है। विधायक को इस कृत्य के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
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