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शाहीपुल पर पुरातत्व विभाग की संपत्ति पर 40-45 साल से कब्जा

Sun, 24 Apr 2022 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 12:21 AM IST
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Archaeological Department property on Shahipul has been occupied for 40-45 years
शाही पुल से ही जनपद की पहचान हो जाती है। यहां हाथी के ऊपर शेर की अनोखी मूर्ति भी है, लेकिन, इस मूर्ति के चारों तरफ कतिपय लोगों द्वारा 40-45 सालों से कब्जा किया गया है। बड़ी बात तो यह कि यह संपत्ति पुरातत्व विभाग की है और जिसके द्वारा इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, यहां कब्जा करने वालों ने बकायदा दुकान खोल रखी है, जो किराया भी सरकार या पुरातत्व विभाग में नहीं जमा करते हैं। हालांकि अब जिला प्रशासन की नजर इसपर पड़ गई है। शनिवार को अपर जिलाधिकारी भू एवं राजस्व रजनीश राय ने पुलिस और नगर पालिका प्रशासन के साथ निरीक्षण किए। साथ ही संबंधित कब्जा करने वालों को 24 घंटे का समय दिए हैं कि वो कब्जा हटा दें, साथ ही एक सप्ताह के अंदर किराया भी जमा करना सुनिश्चित करें। अन्यथा रविवार को सुबह दस बजे के बाद जिला प्रशासन खुद कब्जा हटाएगा और इस में आने वाले खर्च को अतिक्रमणकारियों से ही वसूलेगा। वहीं, कब्जा करने वाले भी खुद ही सामान हटाना शुरू कर दिए हैं।
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सवा तीन लाख आबादी वाले शहर के बीचों बीच गोमती नदी पर शाही पुल मौजूद है, जो शहर की खुबसूरती में चार चांद लगा रहा है। इस पुल से जनपद की पहचान हो जाती है। इस पुल के मध्य स्थित अनोखी मूर्ति बनाई गई है, जिसपर हाथी के ऊपर शेर है। साथ ही मूर्ति के सामने मस्जिद है। भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति का स्वरूप नहीं बदला जा सकता है। लेकिन, यहां उसके उलट है। हाथी के ऊपर शेर की मूर्ति के आसपास
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अत्यन्त खराब तरीके से विरूपित किया गया है। इससे पुल और मूर्ति अपना वास्तविक स्वरूप खो चुकी है। ऐसा करने वाले 35-40 साल से दुकान खोल लिए हैं। जिन्हें 7 दिसम्बर 2021 व 31 दिसंबर 2021 को नोटिस दिया गया था। हालांकि इस नोटिस के खिलाफ कुछ लोग उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण में चले गए थे। लेकिन, कोर्ट ने इन्हें कोई राहत प्रदान नहीं किया। अपर जिलाधिकारी भू-एवं राजस्व बताते हैं कि कब्जा करने वाले इन लोगों के पास कोई आवंटन नहीं है न ही पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति पर कब्जा करने की एवज में गत 35-40 वर्षों का कोई किराया सरकार या पुरातत्व विभाग में जमा किया गया है। इसपर शनिवार को वह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सतीश कुमार सिंह के साथ वहां पहुंचे। संबंधित कब्जा करने वालों को बताया कि पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति का जो कब्जा करने लोगों द्वारा चबूतरा व टीनसेड लगाकर किया गया है, उसे तत्काल हटा लें, अन्यथा 24 अप्रैल की सुबह 10 बजे से नगर पालिका परिषद द्वारा कब्जा हटवाया जाएगा तथा अतिक्रमण हटवाने में आने वाले खर्च को संबंधित से वसूल किया जाएगा।
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