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Jaunpur News: मुकदमें में समझौता नहीं होने पर हुई अरबाज की हत्या
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खुटहन थाना क्षेत्र के ख्वाजापुर गांव में 21 अक्तूबर को गांव के तालाब में मिले बालक के सिर विहीन शव की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। हत्या को अंजाम देने वाले बड़े पिता और तीन चचेरे भाईयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान भेजा।
पुलिस ने कहना है कि घटना के पीछे बालक के पिता पर पूर्व में हुए जानलेवा हमले के मुकदमे में समझौता नहीं करने को लेकर उसके पुत्र की हत्या करने की बात आरोपियों ने स्वीकारी है। 4 अक्तूबर को गांव निवासी आसमां बानो का छह वर्षीय पुत्र अरबाज घर के बगल राम जानकी मंदिर पर आयोजित मेले में सामान खरीदने गया था कि वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। परिजनों ने तलाश करने के बाद थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया।
पुलिस घटना की तहकीकात में जुटी हुई थी। 21 अक्टूबर को अरबाज का सिर और धड़ तालाब में अलग-अलग मिला था। मां की तहरीर पर पुलिस ने उसके जेठ नुरुल्लाह और इनके तीन पुत्र अकबर, हैदर उर्फ मजनू तथा असगर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। घटना स्थल पर मिले धमकी व लेनदेन के विषय में मिले पत्र को देख पुलिस को शक था कि घटना को अंजाम देने में किसी तीसरे का हाथ हो सकता है। जिसकी तफ्तीश चल रही थी।
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थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम चारों आरोपियों को बिशुनपुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि सितंबर में भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट में अरबाज के पिता शारुल्ला के सिर में गंभीर चोटें आई थी। मामले में पुलिस ने जानलेवा हमले का केस सभी पर दर्ज किया था। इसमें सुलह समझौते को लेकर आसमां बानो से तमाम प्रयास किए गए। लेकिन वह सुलह को राजी नहीं हुई। जिसको भयभीत कर समझौता कराने के लिए उसके छोटे बेटे का 4 अक्तूबर को मंदिर से अपहरण कर लिया। उसका गला दबाकर हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया।
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पुलिस ने कहना है कि घटना के पीछे बालक के पिता पर पूर्व में हुए जानलेवा हमले के मुकदमे में समझौता नहीं करने को लेकर उसके पुत्र की हत्या करने की बात आरोपियों ने स्वीकारी है। 4 अक्तूबर को गांव निवासी आसमां बानो का छह वर्षीय पुत्र अरबाज घर के बगल राम जानकी मंदिर पर आयोजित मेले में सामान खरीदने गया था कि वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। परिजनों ने तलाश करने के बाद थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया।
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पुलिस घटना की तहकीकात में जुटी हुई थी। 21 अक्टूबर को अरबाज का सिर और धड़ तालाब में अलग-अलग मिला था। मां की तहरीर पर पुलिस ने उसके जेठ नुरुल्लाह और इनके तीन पुत्र अकबर, हैदर उर्फ मजनू तथा असगर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। घटना स्थल पर मिले धमकी व लेनदेन के विषय में मिले पत्र को देख पुलिस को शक था कि घटना को अंजाम देने में किसी तीसरे का हाथ हो सकता है। जिसकी तफ्तीश चल रही थी।
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थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम चारों आरोपियों को बिशुनपुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि सितंबर में भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट में अरबाज के पिता शारुल्ला के सिर में गंभीर चोटें आई थी। मामले में पुलिस ने जानलेवा हमले का केस सभी पर दर्ज किया था। इसमें सुलह समझौते को लेकर आसमां बानो से तमाम प्रयास किए गए। लेकिन वह सुलह को राजी नहीं हुई। जिसको भयभीत कर समझौता कराने के लिए उसके छोटे बेटे का 4 अक्तूबर को मंदिर से अपहरण कर लिया। उसका गला दबाकर हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया।