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जर्जर भवनों में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र

Sun, 10 Oct 2021 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:18 AM IST
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Anganwadi centers operating in dilapidated buildings
जिले में तकरीबन 25 आंगनबाड़ी केंद्र के भवन जर्जर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। यह हाल तब है, जबकि सरकार की ओर से वर्ष 2017 से हर साल आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बनाने का कार्य किया जा रहा है। इन चार वर्षों में 396 आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए गए हैं। इस साल भी 11 आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए जाने हैं।
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सरकार भले ही कुपोषित बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं को लेकर गंभीर हो, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर भवनों को लेकर जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं। जिले में 6 हजार 443 अति कुपोषित और 49 हजार 357 कुपोषित बच्चे हैं। इनके अलावा 77 हजार 937 धात्री व गर्भवती महिलाएं हैं। जिन्हें स्वस्थ रखने के लिए जिले में कुल 5321 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। उधर, हाल यह है कि मात्र 770 आंगनबाड़ी केंद्रों का खुद का अपना भवन है। जिसमें करीब 25 आंगनबाड़ी केंद्र भवन अब भी जर्जर हैं। इन जर्जर भवनों में थुन्हीं, माधोपुर, मछलीशहर, सोइरी, जलालपुर, सुल्तानपुर व निभापुर आदि आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इन जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की न तो मरम्मत कराई जा रही है और नही नया भवन बनाने का प्रस्ताव ही कोई प्रस्ताव है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को विभागीय कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक प्रताप चौबे का कहना है कि 25 आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हैं। वर्ष 2017 से हर साल आंगनबाड़ी केंद्र नए भवन बनाने का किया जा रहा है। शहर में सरकारी भूमि नहीं मिल पाने के कारण आंगनबाड़ी केंद्र के नए भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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शहर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नहीं है अपना भवन
जौनपुर। सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में कुल 200 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं है। सभी किराए के मकान में चल रहे हैं। इससे विभागीय कार्य करने में दिक्कत हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन बनाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से मिलकर विभागीय अधिकारियों ने प्रयास किया, लेकिन शहर में सरकारी भूमि नहीं रहने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं बन पा रहा है।
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