जौनपुर : कोरोना संक्रमित महिला का शव बगीचे में फेंककर एंबुलेंस चालक फरार, घंटों पड़ा रहा शव
महराजगंज थाना क्षेत्र के गद्दोपुर गांव का मामला, घंटों बाद प्रशासन ने जेसीबी से दफन कराया शव
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जौनपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच शनिवार को लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। महराजगंज थाना क्षेत्र के गद्दोपुर गांव में कोरोना संक्रमित महिला का शव बगीचे में ही उतारकर एंबुलेंस चालक फरार हो गया।
परिवारवालों का भी कहीं पता नहीं था। घंटों तक शव वहीं पड़ा रहा। बाद में ग्रामीणों को जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। तहसील प्रशासन के अफसरों ने काफी माथापच्ची के बाद जेसीबी की मदद से शव को बगीचे में ही दफन करवा दिया। गांव के लोग संक्रमण के खतरे से सहमे हुए हैं।
गद्दोपुर के दुबेकापुरा टोला निवासी महिला (63) कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में थी। शुक्रवार रात उसकी तबीयत खराब हुई। सांस लेने में दिक्कत होने पर भोर में परिजन उसे एंबुलेंस से महराजगंज सीएचसी ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस चालक को शव घर पहुंचाने को कहा। किंतु चालक गद्दोपुर गांव के बाहर बगीचे में शव को छोड़कर चला गया।
महिला के परिवारवालों का भी कहीं पता नहीं चला। काफी देर बाद ग्रामीण बगीचे की ओर गए तो वहां पीपीई किट में लिपटा महिला का शव देख सन्न रह गए। गांव के समाजसेवी अशोक कुमार पांडेय और उनके पुत्र ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। कुछ ही देर में एसडीएम बदलापुर कौशलेश मिश्र, सीओ, महराजगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. शशिकांत पटेल, डॉ. कृष्णकांत निगम, महराजगंज हरिश्चंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को बुलावा भेजा, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
घर पर भी उनका पता नहीं था। ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा कराते हुए प्रशासन ने जेसीबी से बगीचे में ही एक छोर पर शव को दफन करवाया। ग्रामीणों के मुताबिक महिला को कोई संतान नहीं थी। पति ने दो शादियां की थी। वह दूसरी पत्नी और उसके बच्चों के साथ रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शशिकांत पटेल ने बताया कि मृतका के पति व सौतेले पुत्र का सैंपल लिया गया है। रिपोर्ट अभी नहीं आई है।