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ईश्वर की मर्जी या होनी: बेटी की डोली के बाद उठी पिता की अर्थी, बिन बताए बरात को किया विदा, घर में छाया मातम
Tue, 30 May 2023 04:56 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 30 May 2023 04:56 PM IST
सार
अब ईश्वर की मर्जी कहें या फिर होनी। आयर गांव निवासी देव नारायण मिश्र कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। इसी बीच उन्होने अपनी बेटी रागिनी के लिए सुजानगंज में रिश्ता खोजा। 29 मई शादी की तारीख तय की गई। बरात आई, स्वागत हुआ, शादी की रश्म अदा की गई।
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मृतक देवनारायण मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौनपुर में तेजी बाजार थाना क्षेत्र के आयर गांव निवासी 70 वर्षीय देव नारायण मिश्र की बड़ी तमन्ना थी कि बेटी का कन्यादान करके दामाद के साथ विदा करेंगे। सुजानगंज में शादी तय हुई और सोमवार की रात बरात आई, कन्यादान भी किया, लेकिन बेटी को डाेली में बैठाकर विदा करने से पहले ही उनकी अर्थी उठ गई। गमगीन माहौल के बीच परिवार के लोगों ने बगैर बेटी को सूचना दिए ही डोली उठवा दी। बाद में पिता के शव को प्रयागराज ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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अब ईश्वर की मर्जी कहें या फिर होनी। आयर गांव निवासी देव नारायण मिश्र कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। इसी बीच उन्होने अपनी बेटी रागिनी के लिए सुजानगंज में रिश्ता खोजा। 29 मई शादी की तारीख तय की गई। बरात आई, स्वागत हुआ, शादी की रश्म अदा की गई। कन्यादान हुआ और उसके बाद रागिनी की विदाई की तैयारी हो रही थी, तभी अचानक देव नारायण मिश्र को हार्ट अटैक आया और गिर पड़े। परिवार के लोग उन्हें लेकर बरईपार स्थित एक निजी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह से बात तब तक छिपाए रहे जब तक रागिनी की विदाई नहीं हो गई। सुबह बेटी की विदाई करने के बाद देवनारायण मिश्र का शव लेकर लोग प्रयागराज गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। सुबह जब लोगों को घटना के बारे में पता चला तो मातम छा गया।
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