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एडीओ और सेक्रेटरी को बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:15 AM IST
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सुरेरी के भानपुर गांव में मंगलवार को सेक्रेटरी और एडीओ को बंधक बनाए हुए ग्रामीण और उन्हें मुक्त कराने पहुंची पुलिस।
- फोटो : jaunpur
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रामपुर ब्लॉक के भानपुर गांव में कोटे के लिए मंगलवार को बैठक कराने पहुंचे एडीओ सांख्यिकी और सेक्रेटरी को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। कहा कि जब तक बैठक नहीं होगी तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। उनकी बाइक की चाभी छीन ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मुक्त कराया। इसे लेकर काफी हो-हल्ला हुआ।
कोटेदार की मौत हो जाने पर नए कोटे कोे लेकर भानपुर गांव में बैठक होनी थी। जिसमें एडीओ एसके राय और सेक्रेटरी मनोज गौड़ पहुंचे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान ने तकनीकी कमी बताते हुए बैठक टालने की बात कही। दोनों अधिकारी जाने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी की चाभी छीन ली। कहा कि जब तक बैठक नहीं हो जाएगी उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा।
दोनों तरफ से धक्का मुक्की भी हुई। उधर ग्राम प्रधान अमृतलाल सरोज का कहना है कि एसडीएम ने खुली बैठक सात जून को कराने को कहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि उसी वार्ड के उपभोक्ता रहेंगे। लेकिन बैठक नहीं होगी। उससे एक दिन पहले ही यह आदेश आ गया कि खुली बैठक कराई जाए। उन्हंोंने कहा कि बीडीओ रामपुर को मैने लिखित रूप से दिया था कि मेरे गांव में कोटे की दो दूकान हैं। विवाद हो सकता है। उधर एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि किसी ने बंधक नहीं बनाया था। कहासुनी जरूर हुई थी।
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कोटेदार की मौत हो जाने पर नए कोटे कोे लेकर भानपुर गांव में बैठक होनी थी। जिसमें एडीओ एसके राय और सेक्रेटरी मनोज गौड़ पहुंचे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान ने तकनीकी कमी बताते हुए बैठक टालने की बात कही। दोनों अधिकारी जाने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी की चाभी छीन ली। कहा कि जब तक बैठक नहीं हो जाएगी उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा।
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दोनों तरफ से धक्का मुक्की भी हुई। उधर ग्राम प्रधान अमृतलाल सरोज का कहना है कि एसडीएम ने खुली बैठक सात जून को कराने को कहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि उसी वार्ड के उपभोक्ता रहेंगे। लेकिन बैठक नहीं होगी। उससे एक दिन पहले ही यह आदेश आ गया कि खुली बैठक कराई जाए। उन्हंोंने कहा कि बीडीओ रामपुर को मैने लिखित रूप से दिया था कि मेरे गांव में कोटे की दो दूकान हैं। विवाद हो सकता है। उधर एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि किसी ने बंधक नहीं बनाया था। कहासुनी जरूर हुई थी।
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