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Jaunpur News: पार्किंग फ्री पर जाम युक्त बना शहर
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जौनपुर। शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है। शहर के अंदर पार्किंग की व्यवस्था न होने से समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। पूर्व में नगर पालिका की तरफ से कुछ प्रयास किए गए थे, लेकिन वह भी सफल नहीं हुए। ठेले खुमचे वालों ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। ऐसे में शहर को पार्किंग फ्री व जाम युक्त कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
शहर में आजमगढ़, आंबेडकरनगर, गाजीपुर की सीमा से और जिले में मछलीशहर, शाहगंज, केराकत, मड़ियाहूं, बदलापुर से लोग खरीदारी व इलाज कराने पहुंचते हैं।
रोजाना शहर में करीब 50 हजार लोगों को आवाजाही होती है। करीब 10 हजार चार पहिया व दो पहिया वाहनों की आवाजाही होती है। लेकिन पार्किंग स्थल न होने से जहां-तहां चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जो जाम का कारण बन रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से वर्ष 2016 में सद्भावना पुल के बगल में गोमती नदी के किनारे पार्किंग के लिए स्थल चिह्नित किया गया था। यहां कुछ प्रयास तो किया गया लेकिन यह सफल नहीं हो सका।
वर्ष 2016 में यातायात पुलिस की तरफ से सेंट्रल पार्किंग की शुरुआत की गई थी, जो दो साल से अधिक समय तक चली। इस दौरान बाइक सवार आड़े-तिरछे वाहन लगाकर चले जाते थे तो चार पहिया वाहन भी उसी में खड़े कर देते थे। इससे वाहन दोनों तरफ रेंगते हुए जाते और जाम लग जाता था। अंतत: प्रशासन की तरफ से इसको खत्म कर दिया गया।
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- शहर में रोजाना 50 हजार लोग खरीदारी करने आते हैं।
- 10 हजार चार पहिया व दो पहिया वाहनों की होती है आवाजाही।
प्रशासन की तरफ से जाम से निजात दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा। फिलहाल ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लग जाए तो काफी हद तक जाम से राहत मिल जाएगी। पार्किंग स्थल के लिए नगर पालिका व प्रशासन से बात की जाएगी, जमीन मिलेगी तो उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-देवेश सिंह, सीओ यातायात।
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शहर में आजमगढ़, आंबेडकरनगर, गाजीपुर की सीमा से और जिले में मछलीशहर, शाहगंज, केराकत, मड़ियाहूं, बदलापुर से लोग खरीदारी व इलाज कराने पहुंचते हैं।
रोजाना शहर में करीब 50 हजार लोगों को आवाजाही होती है। करीब 10 हजार चार पहिया व दो पहिया वाहनों की आवाजाही होती है। लेकिन पार्किंग स्थल न होने से जहां-तहां चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जो जाम का कारण बन रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से वर्ष 2016 में सद्भावना पुल के बगल में गोमती नदी के किनारे पार्किंग के लिए स्थल चिह्नित किया गया था। यहां कुछ प्रयास तो किया गया लेकिन यह सफल नहीं हो सका।
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वर्ष 2016 में यातायात पुलिस की तरफ से सेंट्रल पार्किंग की शुरुआत की गई थी, जो दो साल से अधिक समय तक चली। इस दौरान बाइक सवार आड़े-तिरछे वाहन लगाकर चले जाते थे तो चार पहिया वाहन भी उसी में खड़े कर देते थे। इससे वाहन दोनों तरफ रेंगते हुए जाते और जाम लग जाता था। अंतत: प्रशासन की तरफ से इसको खत्म कर दिया गया।
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- शहर में रोजाना 50 हजार लोग खरीदारी करने आते हैं।
- 10 हजार चार पहिया व दो पहिया वाहनों की होती है आवाजाही।
प्रशासन की तरफ से जाम से निजात दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा। फिलहाल ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लग जाए तो काफी हद तक जाम से राहत मिल जाएगी। पार्किंग स्थल के लिए नगर पालिका व प्रशासन से बात की जाएगी, जमीन मिलेगी तो उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-देवेश सिंह, सीओ यातायात।