Jaunpur News: एक बिस्वा जमीन के लिए हुई थी दिव्यांग की हत्या, चार गिरफ्तार, तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात
जीरकपुर गांव में आबादी की भूमि को लेकर विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार महज एक बिस्वा जमीन के लिए दबंगों ने दिव्यांग हरिशंकर को मार डाला। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बरकरार है और इसे देखते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।
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इस मामले में राजस्व विभाग की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई। सही समय पर पैमाइश हो गई होती तो हत्या न होती। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। हरिशंकर के घर के सामने एक आबादी की भूमि को लेकर दो पक्षों के मध्य कब्जे को लेकर 6 माह से अधिक समय से विवाद चल रहा था।
मृतक हरिशंकर के अधिवक्ता ने बताया कि एक जमीन पर धारा 24 का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें प्रारंभिक पैमाइश के लिए आदेश हुआ था। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया लेकिन राजस्व विभाग ने प्रारंभिक पैमाइश नहीं की।
जमीन का मामला न्यायालय में होने और जमीन कब्जा न करने के लिए हरिशंकर अपने पड़ोसी से कहने के लिए उनके घर पर गए तो कैलाश व उनके परिजनों ने डंडे से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। देर रात पत्नी मंजू की तहरीर पर चार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने चार आरोपियों कैलाश, अमन, रिया, कमला को गिरफ्तार कर लिया।
16 घंटे बाद हुआ शव का पोस्टमार्टम
हरिशंकर की मौत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पुलिस फोर्स के साथ जौनपुर पीएम के लिए भेज दिया, करीब 16 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
बिटिया की शादी का टूटा सपना, पत्नी बेसुध
हरिशंकर के दो लड़के एवं एक लड़की है। बड़ा लड़का विकास गौतम उर्फ गुड्डू है जो कि रोजी रोटी के सिलसिले में दिल्ली रहता है। दूसरा लड़का आकाश है जो पिता के साथ घर के काम में हाथ बंटाता था। पुत्री नीतू (24) की शादी की जिम्मेदारी हरिशंकर पर थी। पत्नी मंजू रो-रोकर बेसुध हो जा रही है। उसका कहना था कि उनकी मौत से बिटिया के शादी का सपना टूट गया।
विवादित जमीन में मड़ई रखने को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट में दिव्यांग की मौत हो गई। मामले में चार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स को घटना स्थल पर तैनात किया गया है। - परमानंद कुशवाहा, सीओ सदर।