{"_id":"60-130969","slug":"Jaunpur-130969-60","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधुनिक भारत के शिल्पी थे पंडित नेहरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधुनिक भारत के शिल्पी थे पंडित नेहरू
Jaunpur
Updated Wed, 28 May 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की 50 वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। देश को आगे बढ़ाने के लिए किए गए उनके कार्यों की प्रशंसा की गई। कांग्रेस के जिला कार्यालय के अलावा जिले भर में उनकी पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
कांग्रेस के जिला कार्यालय पर आयोजित पुण्यतिथि समारोह में जिलाध्यक्ष लालजीत चौहान ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू आधुनिक भारत के शिल्पी थी। वह कड़ी मेहनत के पक्षधर थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ कार्य किया। इसके साथ ही यही अपेक्षा दूसरों से भी की। उन्होंने आराम हराम है नारा दिया था। उन्होंने कहा कि नेहरू शस्त्र के बजाए स्नेह में विश्वास रखते थे। विश्व शांति के अग्रदूत पंडित नेहरू देश को बहुत प्यार करते थे। नेहरू जी ने अशांत और द्वेषपूर्ण वातावरण में पंचशील के सिद्धांत को विश्व के सामने प्रस्तुत किया। इस मौके पर साजिद हमीद, आफताब, देवानंद मिश्र, विजय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, वीडी गुप्ता, तिलकधारी निषाद, जय प्रकाश, बृजेश तिवारी, रमेश मिश्रा, आनंद मिश्रा, सुरेंद्र, अनिल सोनकर, विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कांग्रेस के जिला कार्यालय पर आयोजित पुण्यतिथि समारोह में जिलाध्यक्ष लालजीत चौहान ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू आधुनिक भारत के शिल्पी थी। वह कड़ी मेहनत के पक्षधर थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ कार्य किया। इसके साथ ही यही अपेक्षा दूसरों से भी की। उन्होंने आराम हराम है नारा दिया था। उन्होंने कहा कि नेहरू शस्त्र के बजाए स्नेह में विश्वास रखते थे। विश्व शांति के अग्रदूत पंडित नेहरू देश को बहुत प्यार करते थे। नेहरू जी ने अशांत और द्वेषपूर्ण वातावरण में पंचशील के सिद्धांत को विश्व के सामने प्रस्तुत किया। इस मौके पर साजिद हमीद, आफताब, देवानंद मिश्र, विजय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, वीडी गुप्ता, तिलकधारी निषाद, जय प्रकाश, बृजेश तिवारी, रमेश मिश्रा, आनंद मिश्रा, सुरेंद्र, अनिल सोनकर, विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन