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3 माह से रोजाना डंप हो रहा 97 टन कूड़ा
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जौनपुर। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव से दिक्कत हो रही है लेकिन पूरे जिले भर में सबसे ज्यादा खराब स्थिति अगर कहीं है तो वो कुल्हनामऊ में। जहां रोजाना शहर से निकलने वाला 97 टन कूड़ा डंप कर दिया जा रहा है। यहां तीन माह से कूड़ा डंप हो रहा है, जबकि इन कूड़ों के निस्तारण के लिए 12.39 करोड़ में बनाया गया सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बंद है। इधर, कूड़े में पानी लगने और धूप लगने से सड़न तेजी से बढ़ी है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे लेकर कुल्हनामऊ सहित आसपास के भी गांव के लोग चिंतित देखे जा रहे हैं।
कुल्हनामऊ में लगे सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में रोजाना नगर से निकले वाले 97 टन कूड़ा को पहुंचवाया जा रहा है। जहां कार्यदायी संस्था ए टू जेड इन कूड़ों को निस्तारित करती थी लेकिन तीन माह से अधिक समय से यह प्लांट बंद हो गया। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी के मुताबिक दो-तीन माह से बिजली ही कट गई है। वहीं, विभागीय अधिकारी बताते हैं कि कार्यदायी संस्था ए टू जेड का कहना है था कि बिजली अर्बन क्षेत्र के हिसाब से चाहिए, क्योंकि 4-5 घंटे ही आपूर्ति हो पाती थी और वह भी मशीन लोड नहीं ले पा रही थी। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए मिलने वाला बजट भी महंगाई के हिसाब से कम था। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इधर, बारिश होने के बाद से कूड़े में पानी लग गया है, जबकि धूप भी हो रही है। ऐसे में कूड़ा सड़ने लगा है, जिससे दुर्गंध बढ़ गई है और चारों तरफ मक्खियां लग रही हैं, जिससे आसपास के गांव वाले तक संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताने लगे हैं।
18 मार्च 2021 में हुआ था उद्घाटन
जौनपुर। साल 2011 में बसपा शासन काल में इस सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास किया गया था। तकरीबन 11 एकड़ भूमि में यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 12.39 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में शुरू हुआ। 18 मार्च 2021 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने इसका उद्घाटन किया था।
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बिजली का बकाया था। जिसे जमा करने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। जल्द ही सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चालू करवाया जाएगा। - रजनीश राय, अपर जिलाधिकारी भू एवं राजस्व (नोडल अधिकारी, शहर)
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कुल्हनामऊ में लगे सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में रोजाना नगर से निकले वाले 97 टन कूड़ा को पहुंचवाया जा रहा है। जहां कार्यदायी संस्था ए टू जेड इन कूड़ों को निस्तारित करती थी लेकिन तीन माह से अधिक समय से यह प्लांट बंद हो गया। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी के मुताबिक दो-तीन माह से बिजली ही कट गई है। वहीं, विभागीय अधिकारी बताते हैं कि कार्यदायी संस्था ए टू जेड का कहना है था कि बिजली अर्बन क्षेत्र के हिसाब से चाहिए, क्योंकि 4-5 घंटे ही आपूर्ति हो पाती थी और वह भी मशीन लोड नहीं ले पा रही थी। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए मिलने वाला बजट भी महंगाई के हिसाब से कम था। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इधर, बारिश होने के बाद से कूड़े में पानी लग गया है, जबकि धूप भी हो रही है। ऐसे में कूड़ा सड़ने लगा है, जिससे दुर्गंध बढ़ गई है और चारों तरफ मक्खियां लग रही हैं, जिससे आसपास के गांव वाले तक संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताने लगे हैं।
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18 मार्च 2021 में हुआ था उद्घाटन
जौनपुर। साल 2011 में बसपा शासन काल में इस सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास किया गया था। तकरीबन 11 एकड़ भूमि में यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 12.39 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में शुरू हुआ। 18 मार्च 2021 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने इसका उद्घाटन किया था।
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बिजली का बकाया था। जिसे जमा करने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। जल्द ही सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चालू करवाया जाएगा। - रजनीश राय, अपर जिलाधिकारी भू एवं राजस्व (नोडल अधिकारी, शहर)