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अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग
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जौनपुर। अलग पूर्वांचल राज्य का निर्माण करने व राज्य पुनर्गठन आयोग के गठन की मांग को लेकर पूर्वांचल राज्य गठन मोर्चा के संयोजक राजकुमार ओझा ने सोमवार से कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिवसीय अनशन प्रारंभ किया। इस दौरान मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की।
पूर्वांचल राज्य गठन मोर्चा के संयोजक राजकुमार ओझा ने कहा कि अलग पूर्वांचल राज्य निर्माण ही हमारा एक मात्र मिशन और मुद्दा है। इस आंदोलन को मजबूती देने के लिए मैं लगातार संघर्षरत हूं। यह लड़ाई कुर्सी व सत्ता के लिए नहीं है। इसलिए पूर्वांचल की सात करोड़ की जनता को इस मिशन व मुद्दे से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की दुर्दशा, गरीबी, बेकारी, अति पिछड़ेपन व नौजवानों का पलायन होना भाजपा, कांग्रेस, सपा व बसपा की सरकारों की देन है। इसके लिए सरकारों की गलत नीतियां और राजनेताओं की इच्छाशक्ति भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के 28 जनपदों की जनता की दर्द को किसी भी दल के नेता ने समझने की कोशिश नहीं की है। जिसके कारण पूर्वांचल के शिक्षित नौजवानों को दूसरे प्रदेशों में जाकर परेशानी सहकर नौकरी नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की दशा व दिशा बदलने के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं। मै अपने आखिरी सांस तक इसके लिए आवाज बुलंद करता रहूंगा।
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पूर्वांचल राज्य गठन मोर्चा के संयोजक राजकुमार ओझा ने कहा कि अलग पूर्वांचल राज्य निर्माण ही हमारा एक मात्र मिशन और मुद्दा है। इस आंदोलन को मजबूती देने के लिए मैं लगातार संघर्षरत हूं। यह लड़ाई कुर्सी व सत्ता के लिए नहीं है। इसलिए पूर्वांचल की सात करोड़ की जनता को इस मिशन व मुद्दे से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की दुर्दशा, गरीबी, बेकारी, अति पिछड़ेपन व नौजवानों का पलायन होना भाजपा, कांग्रेस, सपा व बसपा की सरकारों की देन है। इसके लिए सरकारों की गलत नीतियां और राजनेताओं की इच्छाशक्ति भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के 28 जनपदों की जनता की दर्द को किसी भी दल के नेता ने समझने की कोशिश नहीं की है। जिसके कारण पूर्वांचल के शिक्षित नौजवानों को दूसरे प्रदेशों में जाकर परेशानी सहकर नौकरी नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की दशा व दिशा बदलने के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं। मै अपने आखिरी सांस तक इसके लिए आवाज बुलंद करता रहूंगा।
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