फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   प्राथमिक विद्यालय के 11 और शिक्षक हुए बर्खास्त

प्राथमिक विद्यालय के 11 और शिक्षक हुए बर्खास्त

Fri, 01 Mar 2019 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:02 AM IST
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय के 11 और शिक्षक हुए बर्खास्त
जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में तैनात 11 और सहायक अध्यापकों की सेवा गुरुवार को समाप्त कर दी गई। इसके पहले बुधवार को आठ शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। गुरुवार को जिन 11 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया उनमें पांच उर्दू अध्यापक हैं जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी हासिल कर ली थी। जबकि बदलापुर विकास खंड के अलग-अलग विद्यालयों पर तैनात छह सहायक अध्यापक बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थिति चल रहे थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह की इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि खुटहन विकास खंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय पटैला में तैनात सहायक अध्यापक बाकिर रजा खां, धर्मापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय चोरसंड में तैनात उर्दू अध्यापक नसरीन अतहर ने अंक पत्र में हेराफेरी कर नौकरी हासिल कर ली थी। रामपुर विकास खंड के सुरेरी प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक दीपचंद्र यादव की डिग्री फर्जी पायी गई और रामपुर विकास खंड के सरायडीह विद्यालय पर तैनात सहायक अध्यापक हलीम और रामनगर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कादीपुर दरगाह पर तैनात फिरोज पर आरोप है दोनों पहले रोडवेज में नौकरी करते थे। गबन के आरोप में उन्हें निकाल दिया गया था तथ्य छिपाकर बेसिक शिक्षा परिषद में अध्यापक बन गए थे। इनके अलावा बदलापुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय घनश्यामपुर में तैनात सहायक अध्यापक सुरभि, रामनीपुर की सरिता, विठुआकला के सुशील कुमार यादव, मल्लूपुर के चतुर्भुज यादव, मेढ़ा के वीरेंद्र कुमार सिंह वर्ष 2017 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति चल रहे थे। इसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मछलीगांव में तैनात सहायक अध्यापक प्रेम प्रकाश यादव वर्ष 2014 से बिना सूचना के अनुपस्थिति चल रहे थे। इन सभी को बर्खास्त कर दिया गया।
विज्ञापन




बिना सूचना आखिर कहां चले गए अध्यापक!
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। दो दिन के भीतर परिषदीय विद्यालयों में तैनात 19 सहायक अध्यापकों की बर्खास्तगी से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। जिन 19 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है उनमें 14 शिक्षक ऐसे थे जो पिछले करीब तीन साल से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। हालांकि इनका वेतन पहले ही रोका जा चुका था। फिर भी सवाल उठता है कि आखिर बिना सूचना के अनुपस्थिति चल रहे ऐेसे शिक्षक कहां चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह ने विकास खंडवार ऐसे शिक्षकों की खोज खबर लेनी शुरू कर दी है। अनुपस्थित चल रहे शिक्षक अगर कहीं नौकरी भी कर लिए होंगे तो उन्हें पहली नौकरी से इस्तीफा देना चाहिए था। लेकिन उनके बारे में विभाग को भी पता नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह का कहना है कि संबंधित शिक्षकों के पते पर भी जानकारी की गई लेकिन उनके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। वेतन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अध्यापकों को वेतन देने के लिए प्रत्येक माह विद्यालय से 9 भरकर आता है। जिसमें शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होती है। उसी आधार पर उनकी वेतन बिल बनती है फिर उनके खाते में वेतन भेजा जाता है। ऐसे मे ंजब कोई अध्यापक अनुपस्थिति होता है तो अगले महीने से ही उसका वेतन रुक जाता है। बर्खास्त हुए इन शिक्षकों का भी वेतन पहले से ही रोक दिया गया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थिति चल रहे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तो कर दिया पर जो शिक्षक महीने या 15 दिन पर विद्यालय जाकर महीने भर की उपस्थिति बना कर चले जाते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करना विभाग के सामने अभी भी किसी चुनौती से कम नहीं है। जजिले में सूत्रों की माने तो कभी कभार सिर्फ हस्ताक्षर बनाने के लिए स्कूल जाने वाले शिक्षकों की संख्या एक हजार से अधिक है। ऐसे शिक्षक नौकरी के साथ साथ दूसरा धंधा बिजनेस भी कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों पर प्रति वर्ष 60 करोड़ से अधिक खर्च करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed