{"_id":"6ac29cc1b1bd2e7d2c0440e2","slug":"8-years-ago-24-villages-became-urban-only-on-paper-they-arent-even-getting-the-facilities-of-a-village-jaunpur-news-c-193-1-jon1002-164205-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: 8 साल पहले 24 गांव सिर्फ कागजों में हुए शहरी, सुविधाएं गांव की भी नहीं मिल रहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: 8 साल पहले 24 गांव सिर्फ कागजों में हुए शहरी, सुविधाएं गांव की भी नहीं मिल रहीं
विज्ञापन
नगर पालिका वाले खबर में फोटो- सैदनपुर वार्ड में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होनेसे सड़क पर बह रह
जौनपुर। आठ साल पहले 24 गांवों को नगर पालिका में शामिल करके शहरी सुविधाएं देने के उद्देश्य से आठ नए वार्ड बनाए गए थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें अब शहरी सुविधाएं मिलेंगी। आठ साल बीतने के बाद भी इन नए वार्डों के लोगों को गांव की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कच्ची सड़क, बिजली के लटकते तार, जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव की समस्या है।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने चांदपुर और सैदनपुर वार्ड में हकीकत देखने के लिए पहुंची तो बांस-बल्ली, लोहे की पाइप के सहारे खींचे गए बिजली के तार से लोगों के घरों में लाइन पहुंचाई जा रही है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में अंधेरा रहता है। नगर पालिका में साल 2017 में 31 वार्ड थे। सीमा विस्तार कर डेरायुसूफ, गंगा पट्टी, कलीचाबाद, चांदपुर, सैदनपुर, हरदीपुर, मीरपुर और देवचंदपुर को नगर पालिका में शामिल किया गया। सभासद लालबहादुर ने बताया कि विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार करके नगर पालिका को दिया गया है। सैदनपुर में पक्की सड़क और नाली नहीं है। बारिश में सड़कों पर जलभराव हो जाता है। सभासद रूपा गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका बोर्ड की बैठकों में कई बार समस्याएं उठाई गई हैं। बावजूद इसके अभी तक सड़क, नाली और प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
वार्ड बनने के बाद भी सड़क और नाली की समस्या है। कच्ची सड़क से आवागमन करना मजबूरी है। बारिश में कीचड़ होने पर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। - सत्येंद्र कुमार, चांदपुर
विज्ञापन
ग्राम पंचायत को नगर पालिका में शामिल हुए करीब आठ साल बीत गए, लेकिन घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए अब भी कहीं बांस तो कहीं लोहे की पाइप का सहारा लिया जा रहा है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। - समर बहादुर यादव, चांदपुर
सड़क और नाली की समस्या अभी तक दूर नहीं हुई है। बारिश में घरों तक पानी पहुंच जाता है। आसपास पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का डर बना रहता है। वार्ड में स्ट्रीटलाइट भी नहीं है। विजय यादव, सैदनपुर
वार्ड बनने के आठ साल बाद भी सड़कें जस की तस हैं। कई जगह सड़क इतनी खराब है कि आवागमन मुश्किल हो जाता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। घरों के ऊपर से खुले बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। - बजरंगी लाल मौर्या, सैदनपुर
विस्तारित वार्डों में कुछ समस्याएं हैं। इनके समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही समस्याओं को दूर कराया जाएगा। जिन वार्डों में अभी तक फॉगिंग नहीं हुई है, वहां भी फॉगिंग करा दी जाएगी। - धर्मराज राम, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, जौनपुर
विज्ञापन
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने चांदपुर और सैदनपुर वार्ड में हकीकत देखने के लिए पहुंची तो बांस-बल्ली, लोहे की पाइप के सहारे खींचे गए बिजली के तार से लोगों के घरों में लाइन पहुंचाई जा रही है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में अंधेरा रहता है। नगर पालिका में साल 2017 में 31 वार्ड थे। सीमा विस्तार कर डेरायुसूफ, गंगा पट्टी, कलीचाबाद, चांदपुर, सैदनपुर, हरदीपुर, मीरपुर और देवचंदपुर को नगर पालिका में शामिल किया गया। सभासद लालबहादुर ने बताया कि विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार करके नगर पालिका को दिया गया है। सैदनपुर में पक्की सड़क और नाली नहीं है। बारिश में सड़कों पर जलभराव हो जाता है। सभासद रूपा गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका बोर्ड की बैठकों में कई बार समस्याएं उठाई गई हैं। बावजूद इसके अभी तक सड़क, नाली और प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
वार्ड बनने के बाद भी सड़क और नाली की समस्या है। कच्ची सड़क से आवागमन करना मजबूरी है। बारिश में कीचड़ होने पर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। - सत्येंद्र कुमार, चांदपुर
विज्ञापन
ग्राम पंचायत को नगर पालिका में शामिल हुए करीब आठ साल बीत गए, लेकिन घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए अब भी कहीं बांस तो कहीं लोहे की पाइप का सहारा लिया जा रहा है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। - समर बहादुर यादव, चांदपुर
सड़क और नाली की समस्या अभी तक दूर नहीं हुई है। बारिश में घरों तक पानी पहुंच जाता है। आसपास पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का डर बना रहता है। वार्ड में स्ट्रीटलाइट भी नहीं है। विजय यादव, सैदनपुर
वार्ड बनने के आठ साल बाद भी सड़कें जस की तस हैं। कई जगह सड़क इतनी खराब है कि आवागमन मुश्किल हो जाता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। घरों के ऊपर से खुले बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। - बजरंगी लाल मौर्या, सैदनपुर
विस्तारित वार्डों में कुछ समस्याएं हैं। इनके समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही समस्याओं को दूर कराया जाएगा। जिन वार्डों में अभी तक फॉगिंग नहीं हुई है, वहां भी फॉगिंग करा दी जाएगी। - धर्मराज राम, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, जौनपुर