{"_id":"60329d408ebc3ee908406093","slug":"688-kanshi-ram-urban-housing-to-be-constructed-in-three-tehsils-to-be-investigated-jaunpur-news-vns576025283","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तहसीलों में बने 688 कांशीराम शहरी आवास की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तहसीलों में बने 688 कांशीराम शहरी आवास की होगी जांच
विज्ञापन
जौनपुर। कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत जिले की तीन तहसीलों में बने 688 आवासों के निर्माण में गड़बड़ी की जांच के लिए टीम गठित की गई है। संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम को जांच कर दो दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। गरीबों को रहने के लिए आवास उपलब्ध कराने के मद्देनजर सरकार ने कांशीराम शहरी आवास योजना का संचालन किया है।
इसके तहत वर्ष 2011 में जिले की तीन तहसील सदर, मड़ियाहूं व मछलीशहर में कुल 688 आवास बनाने के लिए स्वीकृत हुआ था। इसके लिए कुल 18 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुआ था। आवास बनाने की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद प्रतापगढ़ को सौंपी गई थी, लेकिन कार्यदाई संस्था अभी तक आवास को पूरा नहीं किया जा सका है। अभी भी कई आवासों में न तो खिड़की-दरवाजा लगा है और न ही प्लास्टर का कार्य ही पूरा है। वहीं पार्क आदि का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि सारा पैसा कार्यदाई संस्था खर्च कर डाली है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आवासों की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर दिया है। टीम को दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
मुख्य राजस्व अधिकारी राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से पूरा पैसा खर्च कर दिया गया है, लेकिन अभी तक आवास का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की है, जिनको दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके तहत वर्ष 2011 में जिले की तीन तहसील सदर, मड़ियाहूं व मछलीशहर में कुल 688 आवास बनाने के लिए स्वीकृत हुआ था। इसके लिए कुल 18 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुआ था। आवास बनाने की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद प्रतापगढ़ को सौंपी गई थी, लेकिन कार्यदाई संस्था अभी तक आवास को पूरा नहीं किया जा सका है। अभी भी कई आवासों में न तो खिड़की-दरवाजा लगा है और न ही प्लास्टर का कार्य ही पूरा है। वहीं पार्क आदि का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि सारा पैसा कार्यदाई संस्था खर्च कर डाली है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आवासों की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर दिया है। टीम को दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
मुख्य राजस्व अधिकारी राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से पूरा पैसा खर्च कर दिया गया है, लेकिन अभी तक आवास का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की है, जिनको दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन