फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   33 unidentified bodies found in 100 days, police has no budget, cremation happened somehow

Jaunpur News: 100 दिन में मिले 33 अज्ञात शव, पुलिस के पास बजट नहीं, जैसे-तैसे हुआ दाह संस्कार

Fri, 21 Mar 2025 12:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
33 unidentified bodies found in 100 days, police has no budget, cremation happened somehow
जौनपुर। जिले में अज्ञात शव मिलने का सिलसिला जारी है। दिसंबर से लेकर 10 मार्च तक मिले अज्ञात शव के आंकड़ों पर नजर डाली तो सौ दिन में 33 शव मिले। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लावारिस शव का दाह संस्कार क्षेत्रीय पुलिस को करना पड़ता है। पुलिस के पास इन कार्यों के लिए कोई बजट नहीं होता। पुलिस किसी सामाजिक संस्था से सहयोग लेकर ऐसे शवों का दाह संस्कार कराती है। दिसंबर में 15 शव मिले थे। जनवरी में दो शव मिले, फरवरी में 8 और मार्च में 10 तक 8 शव मिले हैं। अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस उन्हें लाकर जिला अस्पताल के शव गृह में रख देती है। शव का पहचान कराने की कोशिश की जाती है। शिनाख्त नहीं हो पाने पर शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू हो जाती है। काफी प्रयास के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। सरकारी आंकड़ों की माने तो दिसंबर से 10 मार्च तक कुल 33 शव मिले थे। अज्ञात शवों में से केवल पांच की शिनाख्त हो पाई थी। शेष शव को अज्ञात मानते हुए पुलिस ने किसी तरह से दाह संस्कार कराया जाता है। अज्ञात शव जिले में कहां से आते हैं, यह एक पहेली बना हुआ है। शव मिलने पर कुछ समय तक क्षेत्र में चर्चा होती है, उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पुलिस भी एक-दो दिन इंतजार करने के बाद शव का अंतिम संस्कार करा कर कागजी कोरम पूरा कर देती है। कुछ स्वयं सेवी संस्थाएं भी जिले में मिलने वाले अज्ञात शवों का दाह संस्कार कराती है। सभी के सहयोग से चंदा लगाकर गोमती नदी के रामघाट पर अंतिम संस्कार कराते हैं।
विज्ञापन

औसतन हर चार दिन पर एक अज्ञात का शव पाया जाता है। शव अगर क्षतविक्षत नहीं है तो पुलिस इसे जिला अस्पताल परिसर में बने मॉर्च्यूरी में 72 घंटे तक रखवाती है। शिनाख्त हो गई तो उसे लिखित कार्रवाई कर परिजनों को सौंप दिया जाता है। यदि नहीं हुई तो शव का दाह संस्कार कराया जाता है। - डा. केके राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed