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ढाई महीने से बैंक में डंप है एमडीएम का 27.32 करोड़
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मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों के बैंक खाते में भेजने के लिए आया कन्वर्जन कास्ट का 27.32 करोड़ रुपया ढाई महीने से बैंक खाते में डंप है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 4.8 लाख विद्यार्थियों को 138 दिन का कन्वर्जन कास्ट 15 मार्च तक भेज दिया गया था। यह रकम प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजी गई है। उसी दौरान ग्राम प्रधानों का चार्ज समाप्त हो जाने के कारण पैसा अभिभावकों के खाते में अभी तक नहीं भेजा जा सका है। अब नए ग्राम प्रधानों का हस्ताक्षर प्रमाणित होने के बाद ही पैसा अभिभावकों के खाते में भेजा जा सकेगा।
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं, लेकिन शासन का निर्देश है कि स्कूल बंद होने के दौरान भी एमडीएम का पैसा और खाद्यान्न बच्चों को दिया जाए। खाद्यान्न का वितरण संबंधित गांव के कोटे की दुकान से होना है, जबकि कन्वर्जन कास्ट की रकम बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जानी है। जिले में संचालित 2416 प्राथमिक और 778 जूनियर हाईस्कूलों में कुल 4.8 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्राइमरी में प्रतिदिन प्रति छात्र 4.98 रुपये कन्वर्जन कास्ट के रूप में और 100 ग्राम खाद्यान्न दिए जाने की व्यवस्था है। 138 दिन की कन्वर्जन कास्ट तकरीबन 27.32 करोड़ ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में भेजी गई है। यह रकम मार्च से ही बैंक खातों में डंप है। जिस वक्त धनराशि प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजी गई उसी वक्त पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हुई और ग्राम प्रधानों के खाते के संचालन पर रोक लगा दी गई। इसके चलते अभी तक अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कास्ट की रकम नहीं भेजी जा सकी।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि कन्वर्जन कास्ट की रकम मार्च में ही प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेज दी गई है। पंचायत चुनाव के चलते ग्राम प्रधानों के खाते के संचालन पर रोक लगने के कारण अभिभावकों के खाते में पैसा जाने में देर हुई है। अब नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का हस्ताक्षर प्रमाणित होने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही पैसा अभिभावकों के खाते में पहुंच जाएगा। राशन वितरण के लिए भी प्रधानाध्यापकों को पर्ची उपलब्ध करा दी गई है।
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कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं, लेकिन शासन का निर्देश है कि स्कूल बंद होने के दौरान भी एमडीएम का पैसा और खाद्यान्न बच्चों को दिया जाए। खाद्यान्न का वितरण संबंधित गांव के कोटे की दुकान से होना है, जबकि कन्वर्जन कास्ट की रकम बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जानी है। जिले में संचालित 2416 प्राथमिक और 778 जूनियर हाईस्कूलों में कुल 4.8 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्राइमरी में प्रतिदिन प्रति छात्र 4.98 रुपये कन्वर्जन कास्ट के रूप में और 100 ग्राम खाद्यान्न दिए जाने की व्यवस्था है। 138 दिन की कन्वर्जन कास्ट तकरीबन 27.32 करोड़ ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में भेजी गई है। यह रकम मार्च से ही बैंक खातों में डंप है। जिस वक्त धनराशि प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजी गई उसी वक्त पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हुई और ग्राम प्रधानों के खाते के संचालन पर रोक लगा दी गई। इसके चलते अभी तक अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कास्ट की रकम नहीं भेजी जा सकी।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि कन्वर्जन कास्ट की रकम मार्च में ही प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेज दी गई है। पंचायत चुनाव के चलते ग्राम प्रधानों के खाते के संचालन पर रोक लगने के कारण अभिभावकों के खाते में पैसा जाने में देर हुई है। अब नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का हस्ताक्षर प्रमाणित होने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही पैसा अभिभावकों के खाते में पहुंच जाएगा। राशन वितरण के लिए भी प्रधानाध्यापकों को पर्ची उपलब्ध करा दी गई है।
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