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प्रत्याशियों को जीएसटी युक्त जमा करने होंगे बिल
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जौनपुर। अबकी चुनाव खर्च में भी नेता जी को जीएसटी चुकाना पड़ेगा। बगैर जीएसटी के विवरण वाले बिल स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उसे कच्चा बिल माना जाएगा। प्रचार सामग्री पर जमा जीएसटी सरकार के खाते में जाएगी।
अभी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं हुई है लेकिन राजनीतिक दलों ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है। आयोग ने एक प्रत्याशी को चुनाव में खर्च करने के लिए 70 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की है। प्रत्याशी को यह रकम एक ही खाते से खर्च करनी होगी और वह खाता चुनाव के दौरान खोलना होला। नामांकन से लेकर मतगणना तक की होने वाले खर्च की रकम का लेनदेन इसी खाते से करना होगा। यह धनराशि प्रत्याशी द्वारा चुनाव में वस्तुओं आदि सेवाओं में कहीं न कहीं खर्च की जाएगी। इस खर्च किए गए धनराशि का बिल भी प्रत्याशी को बनाना होगा। लेकिन यह बिल जीएसटी युक्त होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान जो भी सामान खरीदेगा। उसका जीएसटी देकर ही उसे खरीदना पड़ेगा। साथ ही इस जीएसटी युक्त बिल को लगाकर ही व्यय लेखा टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। तभी यह बिल मंजूर होगी। अगर प्रत्याशी बिना जीएसटी का बिल जमा करेगा तो वह मंजूर नहीं किया जाएगा।
रेट सूची भी होगी जारी
जौनपुर। जनपद के चुनाव कार्यालय द्वारा बाजार दर प्राप्त करके वस्तुओं का रेट निर्धारित किया जाएगा। साथ ही इस रेट सूची को जारी भी किया जाएगा। यह रेट सूची सहायक व्यय प्रेक्षक, व्यय लेखा टीम, वीडियो निगरानी टीम व वीडियो अवलोकन टीम को दी जाएगी। जिनके द्वारा प्रत्याशियों के खर्चे का आंकलन किया जाएगा। इसके अलावां प्रत्याशियों को भी रेट सूची दी जाएगी। जिसके आधार पर प्रत्याशी अपने चुनावी खर्चों का ब्यौरा तैयार करेंगे।
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प्रत्याशियों द्वारा चुनाव खर्चे का विवरण देने के लिए लगाए जाने वाले बिल जीएसटी युक्त होनी चाहिए। तभी जाकर बिल मंजूर होगा। ऐसा नहीं होने पर बिल मान्य नहीं किया जाएगा। उसे कच्चा बिल माना जाएगा। चुनाव कार्यालय द्वारा बाजार दर प्राप्त कर वस्तुओं का रेट निर्धारित किया जाएगा। जिसके आधार पर प्रत्याशियों के चुनावी खर्चों का आंकलन किया जाएगा।
सुनील कुमार
वरिष्ठ कोषाधिकारी
अभी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं हुई है लेकिन राजनीतिक दलों ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है। आयोग ने एक प्रत्याशी को चुनाव में खर्च करने के लिए 70 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की है। प्रत्याशी को यह रकम एक ही खाते से खर्च करनी होगी और वह खाता चुनाव के दौरान खोलना होला। नामांकन से लेकर मतगणना तक की होने वाले खर्च की रकम का लेनदेन इसी खाते से करना होगा। यह धनराशि प्रत्याशी द्वारा चुनाव में वस्तुओं आदि सेवाओं में कहीं न कहीं खर्च की जाएगी। इस खर्च किए गए धनराशि का बिल भी प्रत्याशी को बनाना होगा। लेकिन यह बिल जीएसटी युक्त होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान जो भी सामान खरीदेगा। उसका जीएसटी देकर ही उसे खरीदना पड़ेगा। साथ ही इस जीएसटी युक्त बिल को लगाकर ही व्यय लेखा टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। तभी यह बिल मंजूर होगी। अगर प्रत्याशी बिना जीएसटी का बिल जमा करेगा तो वह मंजूर नहीं किया जाएगा।
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रेट सूची भी होगी जारी
जौनपुर। जनपद के चुनाव कार्यालय द्वारा बाजार दर प्राप्त करके वस्तुओं का रेट निर्धारित किया जाएगा। साथ ही इस रेट सूची को जारी भी किया जाएगा। यह रेट सूची सहायक व्यय प्रेक्षक, व्यय लेखा टीम, वीडियो निगरानी टीम व वीडियो अवलोकन टीम को दी जाएगी। जिनके द्वारा प्रत्याशियों के खर्चे का आंकलन किया जाएगा। इसके अलावां प्रत्याशियों को भी रेट सूची दी जाएगी। जिसके आधार पर प्रत्याशी अपने चुनावी खर्चों का ब्यौरा तैयार करेंगे।
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प्रत्याशियों द्वारा चुनाव खर्चे का विवरण देने के लिए लगाए जाने वाले बिल जीएसटी युक्त होनी चाहिए। तभी जाकर बिल मंजूर होगा। ऐसा नहीं होने पर बिल मान्य नहीं किया जाएगा। उसे कच्चा बिल माना जाएगा। चुनाव कार्यालय द्वारा बाजार दर प्राप्त कर वस्तुओं का रेट निर्धारित किया जाएगा। जिसके आधार पर प्रत्याशियों के चुनावी खर्चों का आंकलन किया जाएगा।
सुनील कुमार
वरिष्ठ कोषाधिकारी