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नारी कभी न हारी हैं, न हारेगी, वह तो अपराजिता है
Fri, 21 Dec 2018 12:32 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Dec 2018 12:32 AM IST
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क्षेत्र के खानापट्टी स्थित मां शारदा इंटरमीडिएट बालिका विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने गुरुवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित सजगता संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि नारी कभी न हारी हैं, न हारेगी, वह तो अपराजिता है।
300 छात्राओं ने अपराजिता का शपथ पत्र भरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की उचित भागीदारी के बिना सामाजिक प्रगति की उम्मीद करना बेमानी है। सही मायने में देखा जाए तो महिला सशक्तीकरण का अर्थ है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना। ताकि वे अपने अस्तित्व की रक्षा स्वयं कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाएं और बालिकाएं अपनी आजादी और सम्मान का लाभ उठा सकें, इसके लिए उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है। विद्यालय के प्रबंधक जगदीश नारायण सिंह एडवोकेट ने कहा कि हमारे देश में वैदिक काल से यह अवधारणा रही है कि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है।
हमें देवी स्वरूपा नारियों के उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ जैसे अपराध के खिलाफ मुहिम छेड़नी होगी। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की ओर से महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाया जा रहा यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। गृह विज्ञान की प्रवक्ता कविता सिंह ने कहा कि बेटा और बेटी को समान शिक्षा दिलाकर हम समाज में नारी के अस्तित्व को सुरक्षित रखने में सफल होंगे। महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। शिक्षिका प्रगति सिंह ने कहा कि महिलाएं खुद अपराध के खिलाफ मुखर हों। वह निडर होकर उसका सामना करें। चुप रहने से समस्या का निदान नहीं होगा।
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अमर उजाला की अपराजिता मुहिम निश्चित तौर पर नारी शक्ति के लिए बेहतर प्लेटफार्म है। प्रधानाचार्य शरद कुमार सिंह ने कहा कि बिना शिक्षा के नारी पूरी तरह से अधूरी है। नारी शिक्षित होगी तो परिवार, समाज और देश सभी शिक्षित होगा। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक लल्लन उपाध्याय ने कहा कि दूर समस्या सारी होगी, घर-घर में उजियारा होगा। रोशन करेंगी नाम बेटियां, नर पे भारी नारी होगी। इस अवसर पर अर्चना सिंह, अंकिता सिंह, अवंतिका सिंह, रामचंद्र सिंह, सुरभि सिंह, आराधना सिंह आदि मौजूद रहीं।
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300 छात्राओं ने अपराजिता का शपथ पत्र भरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की उचित भागीदारी के बिना सामाजिक प्रगति की उम्मीद करना बेमानी है। सही मायने में देखा जाए तो महिला सशक्तीकरण का अर्थ है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना। ताकि वे अपने अस्तित्व की रक्षा स्वयं कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाएं और बालिकाएं अपनी आजादी और सम्मान का लाभ उठा सकें, इसके लिए उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है। विद्यालय के प्रबंधक जगदीश नारायण सिंह एडवोकेट ने कहा कि हमारे देश में वैदिक काल से यह अवधारणा रही है कि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है।
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हमें देवी स्वरूपा नारियों के उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ जैसे अपराध के खिलाफ मुहिम छेड़नी होगी। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की ओर से महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाया जा रहा यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। गृह विज्ञान की प्रवक्ता कविता सिंह ने कहा कि बेटा और बेटी को समान शिक्षा दिलाकर हम समाज में नारी के अस्तित्व को सुरक्षित रखने में सफल होंगे। महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। शिक्षिका प्रगति सिंह ने कहा कि महिलाएं खुद अपराध के खिलाफ मुखर हों। वह निडर होकर उसका सामना करें। चुप रहने से समस्या का निदान नहीं होगा।
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अमर उजाला की अपराजिता मुहिम निश्चित तौर पर नारी शक्ति के लिए बेहतर प्लेटफार्म है। प्रधानाचार्य शरद कुमार सिंह ने कहा कि बिना शिक्षा के नारी पूरी तरह से अधूरी है। नारी शिक्षित होगी तो परिवार, समाज और देश सभी शिक्षित होगा। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक लल्लन उपाध्याय ने कहा कि दूर समस्या सारी होगी, घर-घर में उजियारा होगा। रोशन करेंगी नाम बेटियां, नर पे भारी नारी होगी। इस अवसर पर अर्चना सिंह, अंकिता सिंह, अवंतिका सिंह, रामचंद्र सिंह, सुरभि सिंह, आराधना सिंह आदि मौजूद रहीं।